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दो विभागों में चकरघिन्नी बनी विधवाएं

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अधिकारियों की लापरवाही से जिले की 12 हजार विधवाओं को पेंशन संबंधित परेशानियों के समाधान को दो विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। जबकि नए पेंशन संबंधी आवेदन भी जमा नहीं किए जा रहे हैं।
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शासन ने पेंशन जारी करने की जिम्मेदारी प्रोबेशन विभाग से हटाकर समाज कल्याण विभाग को सौंपी है। लेकिन जब विधवाएं विभाग में कागजात आदि जमा कराने पहुंच रही हैं तो उन्हें यह कर लौटा दिया जा रहा है कि उन्हें इस संबंध में अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। जबकि प्रोबेशन विभाग के कर्मचारी विधवाओं के आवेदन लेने से मना कर रहा है। दरअसल, जिले में 12 हजार विधवाएं है जिन्हें प्रोबेशन विभाग की ओर से हर तिमाही पेंशन जारी की जाती है। जबकि, वृद्ध और दिव्यांग पेंशन योजना समाज कल्याण विभाग के पास है। छह माह पूर्व प्रोबेशन विभाग का बाल विकास एवं महिला सशक्तीकरण में विलय किया जा चुका है। इससे प्रोबेशन अधिकारियों पर अतिरिक्त कार्यभार भी पड़ा है। उसके बाद से विधवा पेंशन योजना के संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से शासन ने पेंशन संबंधी सभी योजनाएं समाज कल्याण को हस्तांतरित किया था।
यह शासनस्तर का मामला है। आदेश तो बहुत पहले हो गए थे। लेकिन जिलेस्तर पर अभी कोई दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए हैं। -जीत सिंह रावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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आदेश जारी हुए थे कि समाज कल्याण विभाग विधवा पेंशन का संचालन करेगा। लेकिन, स्थिति यह है कि वहां आवेदन नहीं लिए जा रहे। शासन ने इस बार पेंशन का पैसा प्रोबेशन विभाग को जारी किया है। -मीना विष्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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