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पिथौरागढ़: आपदा प्रभावितों ने एसडीएम और प्रशासन की टीम को बनाया बंधक, बोले- दहशत में चार दिन से सोए नहीं

Tue, 28 Jul 2020 10:27 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़

सार

  • खेतभराड़ के आपदा प्रभावितों ने एसडीएम के साथ प्रशासन की टीम को बनाया बंधक
  • नदी के चैनेलाइजेशन के लिए पोकलैंड मशीन लाने की मांग पर अड़े रहे आपदा प्रभावित  
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में आपदा के चार दिन बाद भी प्रशासन की ओर से मदद नहीं मिलने और बरागाड़ के बहाव से खेतभराड़ को बचाने के लिए चैनेलाइज करने की मांग पर अड़े आपदा प्रभावितों ने एसडीएम, तहसीलदार, सिंचाई विभाग के ईई और राजस्व उप निरीक्षक को बंधक बना लिया।

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आपदा प्रभावितों ने कहा कि वह चार दिन से खतरे में जी रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। आपदा प्रभावितों ने कहा कि लगातार हो रही बारिश के कारण खेतभराड़ के 28 परिवार खतरे की जद में हैं।

अधिकारी आपदा प्रभावितों की व्यवस्था करने की झूठी पोस्ट सोशल साइटों पर डाल रहे हैं। बरागाड़ के उफान पर होने के कारण मकानों को खतरा पैदा हो गया है। इसके बाद भी शासन-प्रशासन को आपदा प्रभावितों का दर्द नहीं दिख रहा। बच्चे सहमे हुए हैं।

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मंगलवार को गांव के दौरे पर पहुंचे एसडीएम भगत फोनिया, तहसीलदार, राजस्व उपनिरीक्षक और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आपदा प्रभावितों ने तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। ग्रामीण बरागाड़ के चैनेलाइजेशन के लिए पोकलैंड मंगाकर कार्य शुरू करने की मांग पर अड़े रहे।

इसके बाद एसडीएम फोनिया ने आपदा प्रभावितों को शीघ्र मशीन की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया इसके बाद ही प्रभावितों ने उनको छोड़ा, लेकिन सिंचाई विभाग के ईई फईम खान को बंधक बनाए रखा।

खबर लिखे जाने तक सिंचाई विभाग के ईई को नहीं छोड़ा गया था। बंधक बनाने वालों में जगदीश सिंह, कुंवर सिंह, ग्राम प्रधान भागीरथी देवी, अमृता बिष्ट, देवेश कुमार, होशियार सिंह, अर्जुन, सुंदर राम मौजूद रहे। 
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