आपदा प्रबंधन विभाग का यह हाई अलर्ट माइक्रो क्लाइमेट को भांप पाने में प्रभावी साबित नहीं हो पा रहा है। प्रदेश में हर जिले की अपनी विशिष्ट भौगोलिक स्थिति है और इस हिसाब से हर जिले में बारिश की तेजी भी अलग-अलग रहती है। मौसम बदलाव के कारण यह अंतर और प्रभावी रूप से उभर कर सामने आ रहा है।
हालांकि आपदा प्रबंधन विभाग ने बारिश मापी और अन्य संसाधनों का विकास किया है लेकिन अब भी सूक्ष्म स्तर पर पूर्वानुमान जारी करना संभव नहीं हो पाया है। मुक्तेश्वर में लगे डाप्लर रडार से भी अभी जानकारी मिलना शुरू नहीं हुई है। बाढ़ के पूर्वानुमान का तंत्र भी अभी तक प्रदेश में विकसित नहीं हो पाया है। ऐसे में विभिन्न विभाग केवल लोगों से नदियों से दूर रहने की अपील ही कर रहे हैं।
लोडर मशीन के खाई में गिरने से ऑपरेटर घायल
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तोताघाटी और कौडियाला के बीच महादेव चट्टी में मलबा हटा रही एक लोडर मशीन के गहरी खाई में गिरने से ऑपरेटर घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती करवाया गया है।
देवप्रयाग थाना प्रभारी महिपाल सिंह रावत ने बताया कि तोताघाटी और कौडियाला के बीच महादेव चट्टी में राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरे भारी मलबे को हटाने में जुटी लोडर मशीन मलबा आने से करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गई।
इस घटना में ऑपरेटर कुलदीप सिंह (25 वर्ष) पुत्र श्रीजोर सिंह ग्राम बाथेपुर टंडुआ जिला आजमगढ़ उत्तर प्रदेश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए ऋषिकेश एम्स में भर्ती करवाया गया है। बताया कि साकनीधार से तोताघाटी के बीच बारिश से सड़क पर भारी मलबा गिरा है।