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Weather: अगले पांच दिन छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, प्रदेश में 165 बंद सड़कों ने रोकी राहगीरों की राह

Mon, 04 Jul 2022 08:47 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

अगले 24 घंटे में दून, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना है, जबकि मंगलवार और बुधवार को दून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल और चंपावत में भारी बारिश की संभावना है। वहीं मानसून के चलते प्रदेश में एक दिन पहले बंद हुई 81 सड़कों के साथ रविवार को इनमें 84 सड़कें और बंद हो गईं। इस तरह से कुल 165 बंद सड़कों ने राहगीरों की राह रोक दी।
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rain in uttarakhand - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राज्य में मानसून की दस्तक के साथ ही झमाझम बारिश का भी दौर शुरू हो गया है। पिछले 24 घंटे में दून, चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल, चंपावत, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल समेत सभी जिलों में कहीं भारी बारिश तो कहीं मध्यम बारिश हुई है। 

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सबसे अधिक बारिश दून के मोहकमपुर क्षेत्र में 113 मिमी रिकॉर्ड की गई, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक है। वहीं, मौसम विभाग ने पांच दिनों तक राज्य में भारी बारिश तो कहीं मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसको देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक, अगले 24 घंटे में जहां दून, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना है, वहीं मंगलवार और बुधवार को दून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल और चंपावत में भारी बारिश की संभावना है। 
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सात जुलाई को पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, दून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, चंपावत में भारी बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटे के भीतर दून के मोहकमपुर में 113 मिमी, मसूरी में 74.50 और ऋषिकेश में 46 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मूसलाधार बारिश से नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने लगा है। 

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प्रदेश में 165 बंद सड़कों ने रोकी राहगीरों की राह

प्रदेश में एक दिन पहले बंद हुई 81 सड़कों के साथ रविवार को इनमें 84 सड़कें और बंद हो गईं। इस तरह से कुल 165 बंद सड़कों ने राहगीरों की राह रोक दी। इनमें से सुबह से शाम तक मात्र 29 सड़कों को ही खोलने में कामयाबी मिली। गांवों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने वाले सबसे अधिक 142 सड़कें बंद हैं। इसे ग्रामीणों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। रविवार को चमोली में सिरोबगड़ में सक्रिय भूस्खलन जोन कई बार सक्रिय हुआ, लेकिन मौके पर मौजूद जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम भी चलता रहा।

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इस तरह से बदरी-केदार को जाने वाला यह राष्ट्रीय राजमार्ग कई बार बाधित हुआ। इसके अलावा कोई भी नेशनल हाईवे बंद नहीं है। इसके अलावा राज्य के 13 प्रमुख मार्ग, सात जिला मोटर मार्ग, पांच अन्य जिला मार्ग, 69 ग्रामीण सड़कें (सिविल) और 73 सड़कें पीएमजीएसवाई की बंद हैं। रविवार को बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें मुस्तैदी से कार्य कर रही हैं। नेशनल हाईवे पर 78, स्टेट हाईवे पर 13 जिला मार्गों पर 12, अन्य जिला मार्गों पर पांच, ग्रामीण सड़कों पर 66 और पीएमजीएसवाई की सड़कों पर 52  कुल 226 जेसीबी को लगाया गया।
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