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Weather Today: मलबा और बोल्डर आने से बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे बंद, 80 यात्री फंसे 

Thu, 13 Aug 2020 05:08 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ/उत्तरकाशी

सार

  • यात्री पांडुकेश्व व गोविंदघाट में कर रहे हाईवे खुलने का इंतजार
  • 25 यात्री लामबगड़ में पैदल ही एक किलोमीटर चलकर पहुंचे बदरीनाथ 
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार देर रात को हुई भारी बारिश से बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में भारी मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए। इसके चलते रास्ता बंद हो गया है। वहीं, बदरीनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे करीब 80 यात्री भी रास्ता बंद होने से आगे नहीं बढ़ पाए। यात्री पांडुकेश्वर, लामबगड़ और गोविंदघाट में हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

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क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से बृहस्पतिवार को हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खोला जा सका है। लामबगड़ में बारिश होने पर बार-बार हाईवे पर चट्टान से मलबा और बोल्डर आ रहे हैं। बुधवार रात को हुई बारिश से लगभग दो बजे रात लामबगड़ में हाईवे बंद हो गया। जिससे यातायात दिनभर ठप रहा। 

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बदरीनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे करीब 80 यात्री लामबगड़ में रुके हुए हैं, जबकि करीब 25 यात्री एक किलोमीटर तक पैदल चलकर बदरीनाथ धाम पहुंच गए हैं। लामबगड़ में हाईवे की स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है।

यहां चट्टान से कब बोल्डर छिटककर हाईवे पर आ जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। गोविंद घाट के थाना प्रभारी बृज मोहन राणा का कहना है कि क्षेत्र में रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है। बृहस्पतिवार को सुबह से ही यातायात रोका हुआ है। हाईवे सुचारु होने पर वाहनों की आवाजाही करवाई जाएगी।

भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे भी बंद 

उत्तरकाशी जिले के विभिन्न हिस्सों में बुधवार रात से रुक-रुक कर रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश में भूस्खलन सक्रिय होने से यमुनोत्री हाईवे खरादी और ओजरी, डबरकोट के पास बंद हो गया है। वहीं, भूस्खलन से अवरुद्ध जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग तीन दिन बाद भी सुरक्षित आवाजाही लायक तैयार नहीं हो पाया है।

जानकारी के अनुसार, सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे यहां मलबा साफ कर यातायात बहाल कर लिया गया था, लेकिन दोपहर बाद दोबारा बारिश शुरू होने पर ओजरी डबरकोट स्लाइड जोन में भूस्खलन सक्रिय होने से हाईवे दोबारा बंद हो गया। हाईवे बंद होने के कारण यमुनोत्री धाम के साथ ही गीठ पट्टी के दर्जनों गांवों का बड़कोट तहसील से संपर्क कट गया है। खबर लिखे जाने तक एनएच विभाग के कर्मचारियों द्वारा मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। 

लेकिन लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी से मलबा- पत्थर गिरने के कारण यहां अभी तक यातायात बहाल नहीं हो पाया है। भूस्खलन के कारण दो दिनों तक बाधित रहे जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर लोनिवि ने मलबा साफ कर आवाजाही शुरू तो कर दी है, लेकिन जगह-जगह कीचड़ और सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां आवाजाही खासी जोखिम भरी बनी हुई है। लोनिवि के कर्मचारी यहां सुरक्षित आवाजाही के लिए रास्ता तैयार करने में जुटे हैं। 
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चौथे दिन भी बंद रहा गौरीकुंड हाईवे

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे विद्याधाम में चौथे दिन भी बंद रहा। यहां पर लगातार भूधंसाव के कारण सुधारीकरण कार्य में भी दिक्कत हो रही है। जबकि सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच हाईवे खुलने से यात्रियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान सोनप्रयाग से 123 श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया। 

 बृहस्पतिवार को भी विद्याधाम में हाईवे खोलने को लेकर एनएच व कार्यदायी संस्था के प्रयास सफल नहीं हो पाए। यहां पर लगातार भूधंसाव हो रहा है, जिससे सुधारीकरण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। दूसरी तरफ क्षेत्र में बारिश के कारण स्थिति और खराब हो रही है।

उधर, मैखंडा में भी भूस्खलन से कई मकानों को खतरा बना है। ग्राम प्रधान चांदनी देवी, अमित मैखंडी, प्रवीण आदि ने केदारनाथ विधायक को पत्र भेजा प्रभावित स्थान का ट्रीटमेंट करने के साथ ही कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

उधर, सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच दोपहर साढ़े बारह बजे हाईवे बहाल होने पर धाम जाने वाले यात्रियों ने राहत की सांस ली। सेक्टर मजिस्ट्रेट/कानून-गो एमएल अंजवाल ने बताया कि डीडीएमए द्वारा मुनकटिया में मलबा सफाई कर हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया है।

दूसरी तरफ एनएच के सहायक अभियंता अनिल बिष्ट ने बताया कि लगातार भूधंसाव के कारण विद्याधाम में सुधारीकरण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। मौसम में सुधार होते ही प्राथमिकता से पुश्ता निर्माण के साथ वायरक्रेट के जरिए हाईवे को दुरुस्त किया जाएगा। 
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