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Uttarakhand Weather: गंगोत्री हाईवे का 10 मीटर हिस्सा धंसा, बदरीनाथ मार्ग बंद होने से पैदल ही निकले जवान और तीर्थयात्री

Mon, 10 Aug 2020 08:29 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी/ चमोली

सार

  • बीआरओ के जवानों ने पहाड़ काटकर यातायात किया सुचारु
  • उत्तरकाशी के दर्जनों संपर्क मार्गों पर यातायात ठप
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गंगोत्री और बदरीनाथ हाईवे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मानसून की बारिश यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत अन्य संपर्क मोटर मार्गों पर भारी पड़ने लगी है। रविवार रात हुई बारिश से गंगोत्री हाईवे लाटा के पास करीब दस मीटर धंस गया है। हालांकि सोमवार को बीआरओ के जवानों ने पहाड़ का कुछ हिस्सा काटकर हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया है। इसके अलावा आधा दर्जन संपर्क मार्गों पर भी जगह-जगह भूस्खलन से यातायात प्रभावित हो गया है। भटवाड़ी बाजार में भूस्खलन सक्रिय होने से ग्रामीणों में दहशत है।

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रविवार रात को भटवाड़ी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लाटा के पास गंगोत्री हाईवे का करीब दस मीटर हिस्सा धंस गया है। सोमवार सुबह बीआरओ के जवानों ने यहां पहाड़ का कुछ हिस्सा काटकर यातायात बहाल किया। मौके पर पहुंची भटवाड़ी की ब्लाक प्रमुख विनीता रावत ने बीआरओ के अधिकारियों से इस स्थान पर शीघ्र उपचार कार्य कराने को कहा। बारिश से यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे के कुथनौर, पालीगाड़, धरासू, सिंगोटी, मातली, बड़ेथी चुंगी आदि हिस्सों में भी यातायात जोखिमभरा हो गया है। 

बीते रोज हुई बारिश से भटवाड़ी प्रखंड में चड़ेथी-रैथल, मल्ला-भेला टिपरी व भुक्की-कुज्जन-तिहार सहित चिन्यालीसौड़ प्रखंड में थौला-मुंडरासेरा मोटर मार्ग भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया। सोमवार सुबह बारिश थमने के बाद संबंधित विभागों ने मलबा साफ कर यातायात बहाली के प्रयास शुरू कर दिए। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि संबंधित विभाग के कर्मचारियों द्वारा लगातार मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। 

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ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर डेढ़ घंटे बाधित रहा यातायात

ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे सोमवार को ताछला और बेमुंडा में डेढ़ घंटे तक यातायात के लिए बाधित रहा। रविवार रात से हो रही बारिश के कारण सुबह करीब 10 बजे ताछला और बेमुंडा में हाईवे पर चट्टान से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर भरभरा गिर गया, जिससे सड़क के दोनों तरफ सैकड़ों वाहनों में सवार यात्री वहीं फंसे रहे।

काफी मशक्कत के बाद बीआरओ को पूर्वाह्न 11.30 बजे के मलबा और बोल्डर साफ करने में कामयाबी मिली। तक जाकर हाईवे पर वाहनों का आवागमन सुचारु हो पाया। थत्यूड़-भवान-नगुण मोटर मार्ग भी सुबह तीन घंटे तक नगुण के समीप यातायात के लिए बाधित रहा। सुबह 8 बजे के लगभग नगुण में सड़क पर मलबा गिरने से वाहनों का आवागमन बंद रहा। पूर्वाह्न 11 बजे मलबा साफ करने के बाद वाहनों का संचालन शुरू हुआ। 

सेना और बदरीनाथ जा रहे श्रद्धालु कर रहे एक किमी पैदल आवाजाही

बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन जोन नासूर बन गए हैं। बारिश के कारण प्रतिदिन हाईवे पर छिनका, पागलनाला, टगड़ी और लामबगड़ में हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ रहे हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है।

रविवार से अवरुद्ध पड़े लामबगड़ और टंगड़ी भूस्खलन क्षेत्र में सोमवार को दिनभर वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के साथ ही सीमा क्षेत्र में मुस्तैद सेना के जवानों को भी एक किमी पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। 

टंगड़ी और लामबगड़ में आए दिन हाईवे बाधित हो रहा है। यहां चट्टान से रह-रहकर बोल्डर और मलबा हाईवे पर आ रहा है। इन जगहों पर स्थानीय लोगों के साथ ही सेना के जवान और बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा जा रहे श्रद्धालुओं ने लंबी दूरी पैदल नापी।

सोमवार को एनएच की जेसीबी ने हाईवे को खोलने का काम शुरू किया, लेकिन मौसम खराब होने के कारण वाहनों की आवाजाही सुचारु नहीं हो पाई है। एनएच के ईई जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि लामबगड़ में हाईवे बेहद खस्ताहाल है। यहां मशीनें और मैन पावर तैनात है, लेकिन बार-बार मौसम खराब होने के कारण हाईवे को नहीं खोला जा सका है। 
 
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चमोली जिले की 18 सड़कें व 200 पैदल मार्ग बंद

भारी बारिश से चमोली जिले में जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। भूस्खलन और मलबा आने से जिले में 18 मोटर मार्ग और दो सौ से अधिक पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। थराली और दशोली विकास खंड के दस से अधिक गांवों में विद्युत सप्लाई भी ठप पड़ गई है।

सगर गांव के समीप मंडल सड़क पर गदेरे में पानी बढ़ने से यहां खड़ा एक वाहन पलट गया। सकलेश्वर महादेव मंदिर को जाने वाला पैदल मार्ग भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है और मंदिर के समीप गदेरे में सगर गांव को जोड़ने वाली पुलिया भी बह गई है। रविवार रात को जिले में भारी बारिश हुई।

सर्वाधिक बारिश घाट विकास खंड में 39 मिमी बारिश हुई, जबकि जोशीमठ में 22.6 मिमी, पोखरी में 9.2, कर्णप्रयाग में 4, गैरसैंण में 17 व थराली में 15.8 मिमी बारिश हुई। गोपेश्वर, जोशीमठ और घाट क्षेत्र में नेट सेवा भी ठप पड़ी हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया है। 
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