आज के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। साथ ही शासन ने एडवाइजरी जारी कर सभी जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश के ज्यादातर पहाड़ी इलाकों में बहुत भारी बर्फबारी हो सकती है।
विशेषकर चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा के अधिक ऊंचाई वाले जिलों में बहुत अधिक बर्फ गिर सकती है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंह नगर में ओले भी गिर सकते हैं।
दूसरी ओर, रेड अलर्ट जारी होने के बाद शासन ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही रोकने को कहा गया है। साथ ही बर्फबारी से सड़क व रास्ते बंद होने की दशा में तुरंत खोलने के लिए प्रभावी इंतजाम करने को कहा गया है।
केदारनाथ में दिनभर रुक-रुककर बर्फबारी होती रही। यहां डेढ़ फीट से अधिक नई बर्फ जम चुकी है। जबकि पहले से यहां 7 फीट तक बर्फ मौजूद है। बीते दो दिन से खराब मौसम के कारण यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है। धाम में तापमान माइनस में रहा। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित अन्य क्षेत्रों में भी दिन में कई बार रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही।
बृहस्पतिवार को तड़के से केदारनाथ में हल्की बर्फबारी पूरे दिन रही। खराब मौसम से धाम में चारों तरफ कोहरा छाया रहा। केदारनाथ में बीते 21 जनवरी से बिजली सप्लाई ठप है। साथ ही यहां बीते दस दिनों से सिर्फ 19 लोग रह रहे हैं, जिसमें कार्यदायी संस्था वुड स्टोन कंपनी के 10 लोग, पुलिस के 4 जवान और 5 साधु शामिल हैं। तीन दिनों की खुशनुमा मौसम के बाद बीते बुधवार से केदारनाथ में मौसम ने करवट ली है।
यहां दोपहर बाद से बर्फबारी के कारण पुनर्निर्माण कार्यो को पुन: शुरू कराने की उम्मीदों पर फिर से पानी फिर गया है। वुड स्टोन कंपनी के प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि धाम में पूरे दिन रुक-रुककर बर्फबारी होती रही, जिससे आधा फीट तक नई बर्फ जम चुकी है। इधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ धाम सहित कालशिला, चौमासी, त्रियुगीनारायण के ऊपरी तरफ, तोषी, हरियाली डांडा में बर्फ गिरी है। जबकि रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, मयाली आदि निचले इलाकों में आसमान में घने बादल छाए रहे। यहां दिन में कई बार हल्की बारिश भी हुई, जिससे ठंड बढ़ गई है।
पहाड़ के विभिन्न हिस्सों में बुधवार दोपहर बाद फिर मौसम का मिजाज बिगड़ गया। रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। केदारनाथ में बुधवार दोपहर बाद से शुरू हुई हल्की बर्फबारी देर शाम तक रही। आसमान में घने बादल छाए रहे। धाम में मौजूद कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि मौसम के खराब होने से पुनर्निर्माण कार्यों को पुन: शुरू करने की उम्मीदें फिर से धूमिल हो गई हैं।
धाम में विगत 21 जनवरी से बिजली की सप्लाई ठप पड़ी है, जिससे पहले से यहां खासी दिक्कतें हो रही हैं। केदारनाथ में अब भी 7.5 फीट से अधिक बर्फ मौजूद है। केदारनाथ-गौरीकुंड पैदल मार्ग भी बर्फ से लकदक है। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी सूरज और बादलों की आंखमिचौली होती रही। दोपहर बाद कई बार बारिश की बौछारें भी गिरी।
उधर, चमोली जिले में बुधवार को दोपहर एक बजे से बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, नंदा घुंघटी, मंडल, नीती और माणा घाटी में शुरू हुई बर्फबारी देर शाम तक जारी रही। जिले में सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से निचले क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। गोपेश्वर, जोशीमठ, घाट, पोखरी क्षेत्रों में शाम को बर्फीली हवाएं चलने से लोग अपने घरों में ही दुबके रहे।
मुनस्यारी की ऊंची चोटियों हंसलिंग, राजरंभा, नाग्निधुरा, खलिया टॉप, छिपलाकेदार में बुधवार सुबह फिर हिमपात हुआ। बागेश्वर में पिंडर घाटी और कपकोट के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हुई तो घाटी क्षेत्र बागेश्वर, गरुड़, और कांडा में बारिश से ठिठुरन बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए लोगों से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में न जाने की अपील की गई है। वहीं, बारिश-बर्फबारी के अलर्ट के पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में बृहस्पतिवार को 12वीं तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की है। इधर, सरोवर नगरी में बुधवार सुबह से ही बादल छाए रहे और कई बार हल्की बारिश हुई।
मौसम विभाग की ओर से भारी बर्फबारी और बारिश के अलर्ट के चलते पांचों पर्वतीय जिलों पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में आज बृहस्पतिवार को कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा। सभी जिलों में जिलाधिकारियों ने इस संबंध में शिक्षा विभाग को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि शिक्षक और कर्मचारी नियत समय पर स्कूलों में उपस्थित दर्ज करेंगे।