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कैबिनेट के फैसले से व्यापारियों को मिली बड़ी राहत, टैक्स को लेकर सरकार ने लिया ये फैसला

Thu, 07 Feb 2019 08:49 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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राज्य में मूल्य वर्धित कर (वैट) प्रणाली के वादों का निस्तारण व वार्षिक रिटर्न फाइल करने को लेकर सरकार ने व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने इसकी समय सीमा सरकार ने तीन माह बढ़ा दी है। इससे प्रदेश के हजारों व्यापारियों को राहत मिली है।

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वैट प्रणाली के 37 हजार टैक्स संबंधी वाद लंबित पड़े हैं। जिनका 31 मार्च, 2019 तक निस्तारण करने की समय सीमा निर्धारित की थी। वहीं जीएसटी लागू होने से पहले वैट प्रणाली में वार्षिक रिटर्न फाइल करने की समय सीमा बिना विलंब शुल्क के तीन माह बढ़ाई है। मंत्रिमंडल ने इसकी मंजूरी दे दी है। 

उत्तराखंड मूल्य वर्धित कर अधिनियम के तहत टैक्स निर्धारण वर्ष 2015-16 के वादों का निस्तारण अब 30 जून 2019 तक किया जाएगा। पहले सरकार ने व्यापारियों को 30 मार्च 2019 तक समय दिया था।

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वित्तीय वर्ष 2018-19 में दिसंबर तक राज्य कर विभाग ने प्रदेश में 66 हजार व्यापारियों के वादों का निस्तारण किया है। जबकि 37 हजार वाद लंबित है। मार्च माह तक इन वादों का निस्तारण करना संभव नहीं है।

ऐसे में सरकार ने इसकी समय सीमा तीन माह बढ़ा दी है। वहीं, एक जुलाई 2017 से लागू जीएसटी से पहले प्रदेश के हजारों व्यापारियों ने एक अप्रैल, 2017 से 30 जून 2017 (तीन माह) का करीब चार हजार  व्यापारियों ने वार्षिक रिटर्न का विवरण दिया है। वहीं करीब 70 हजार व्यापारियों ने वैट अवधि का वार्षिक टैक्स विवरण नहीं दिया है।

इन व्यापारियों को सरकार ने 31 दिसंबर, 2018 तक वार्षिक रिटर्न विवरण जमा करने का समय दिया था। लेकिन जीएसटी की रिटर्न फाइल करने में व्यस्त होने से कई व्यापारी वैट की वार्षिक टैक्स विवरण जमा करने से रह गए। सरकार ने इन व्यापारियों को राहत देते हुए वार्षिक विवरण जमा करने की समय सीमा 30 जून 2019 तक बढ़ाई है। 
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