सदी के अंत तक गर्मी के मौसम की अवधि में एक माह बढ़ जाएगी। कार्बन डाइऑक्साइड में दो गुणा बढ़ोतरी और तापमान में 4-5 डिग्री का इजाफा हो सकता है।
यह तथ्य संयुक्त राष्ट्र के तत्वाधान में जलवायु परिवर्तन पर कार्यरत अंतर सरकारी समिति (आईपीसीसी) के विशेषज्ञों ने देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में आयोजित कार्यशाला में उजागर किए।
कार्यक्रम का आयोजन क्लाइमेट एंड नालेज नेटवर्क (सीडीकेएन), सेंट्रल हिमालयन इन्वायरमेंट एसोसियशन (चिया) तथा उत्तराखंड वन विभाग ने संयुक्त रूप से किया था।