पूरे उत्तर भारत में गर्मी का कहर जारी है। लेकिन उत्तराखंड में जहां मैदानी इलाकों गर्मी से झुलस रहे हैं वहीं पहाड़ी इलाकों में जन्नत सा मौसम है। बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, गौरसौं बुग्याल, तुंगनाथ के अलावा अन्य ऊंची चोटियों पर शनिवार को शाम पांच बजे के बाद बर्फबारी हुई।
इसके साथ ही चमोली जिले के निचले इलाकों में शाम को चली तेज अंधड़ से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। चमोली कस्बे में एक पेड़ टूटकर बदरीनाथ हाईवे पर आ गिरा। इससे काफी देर तक हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। जिले में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। गोपेश्वर, बिरही और नंदप्रयाग क्षेत्रों में भी करीब एक घंटे तक अफरातफरी मची रही।
देहरादून का पारा 40 के पार
राजधानी देहरादून में शनिवार को पारा 40 डिग्री पार कर गया। वहीं रविवार को भी सुबह से सूर्य देव कहर बरपाते नजर आए। मौसम विभाग ने दिन का अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री रिकॉर्ड किया है।
इससे पहले 23 मई 2012 को ही पारा 40 डिग्री रहा था। वर्ष 2013 व 2014 में एक बार भी मई माह में पारा 40 पार नहीं पहुंचा था। बीते साल सात जून को पारा 40 के पार गया था। उधर श्रीनगर (गढ़वाल) का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
बढ़ती तपिश के बीच शनिवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। शनिवार को सुबह से ही तेज धूप निकली। दोपहर 12 बजे तक पारा 37 डिग्री के ऊपर पहुंच गया। दो बजे तक भारी गर्मी से बाजारों व सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा। चिलचिलाती धूप में लोग छांव का आसरा लेते नजर आए।
हालांकि, कुछ राहत की बात ये है कि मौसम विभाग ने आज (रविवार) को गर्मी से हल्की राहत के आसार जताए हैं। मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि रविवार को प्रदेश में कुछ स्थानों खासकर उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राजधानी दून में आंशिक बादल छाए रहेंगे। दोपहर बाद हल्की बौछारें पारे का रुख नरम कर सकती हैं।
बीते कुछ सालों में 23 मई को पारा
23 मई 2011 : 33.4 डिग्री
23 मई 2012 : 40.0 डिग्री
23 मई 2013 : 38.0 डिग्री
23 मई 2014 : 36.5 डिग्री
2014 और 2015 में मई का पारा
तिथि -- 2014 -- 2015
1 मई -- 37.9 -- 33.2
5 मई -- 33.8 -- 34.3
10 मई -- 36 -- 37.1
15 मई -- 30.7 -- 33.7
20 मई -- 35 -- 36.3
21 मई -- 35.5 -- 39.7
22 मई -- 35 -- 39.5
आंधी ले उड़ी एक की जान
रुड़की को शनिवार की देर शाम आई आंधी से रुड़की और देहात में कई जगह पेड़ टूट गए। बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई। जिससे शहर से देहात तक बिजली गुल हो गई। मंगलौर में पेड़ गिरने से उसकी चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई।
रात करीब आठ बजे धूल भरी तेज आंधी आई। जिससे रुड़की के सिविल लाइंस, गणेशपुर व रामपुर चुंगी आदि समेत आधे शहर में बिजली गुल हो गई। कई जगह पेड़ टूटने से यातायात भी बाधित हुआ। मंगलौर में पठानपुरा, मोहल्ला किला, लंढौरा रोड की बस्तियों में जगह-जगह बिजली के तार टूट गए और टीन शेड उड़ गई।
हाईवे पर ढाबा चलाने वाले मिन्ना से मिलने आए ग्राम सरदाहेड़ी छुटमलपुर निवासी सोनू (24) पुत्र मीर बाज के ऊपर गुल्लर के पेड़ का बड़ी टहनी टूटकर गिर गई। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया। नगर सहित आसपास के गांव में बिजली गुल हो गई। इसके अलावा कलियर, लक्सर, झबरेड़ा व चुड़ियाला आदि क्षेत्रों में भी आंधी के चलते पेड़ गिर गए। जिसके बाद बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
वहीं पिरान कलियर में बिजली की लाइनों पर चल रहे काम के चलते सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक बिजली गुल रही। जिसके चलते लोगों ने पानी के लिए भी परेशानी झेली। बताया गया है कि लाइनों पर काम के चलते अगले दो दिन भी आपूर्ति बाधित रहेगी।