जुकाम-खांसी की दवाओं के साल्ट में केमिकल मिलाकर कुछ फार्मास्युटिकल्स कंपनियां जहरीला पार्टी ड्रग्स बना रही हैं।
कंपनियां यह गुनाह सिर्फ मुनाफाखोरी के लिए करती हैं। एक साधारण दवा का साल्ट विशेष रासायनिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद नशीला ‘जहर’ बन जाता है और कंपनियों का मुनाफा हजार गुना बढ़ जाता है। ‘क्रिस्टल’, ‘आइस’, ‘मैथ’ नामों से ये ड्रग्स हाई प्रोफाइल पार्टियों का हिस्सा बन रहे। यूरोपीय देशों में पार्टी ड्रग्स की दून से तस्करी हो रही है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ऐसी फार्मास्युटिकल्स कंपनियों के उत्तराखंड, देश के दूसरे प्रांतों और विदेश में फैले मकड़जाल की छानबीन कर रहा है। कुछ कंपनियां हैं जिन्होंने दवा के इस साल्ट के लिए लाइसेंस ले रखे हैं लेकिन दवा बनाने के बजाय जहरीला नशा तैयार कर रही हैं। कंपनियों के एजेंटों का जाल प्रदेश के अलावा देश और विदेश में भी फैला हुआ है।
ब्यूरो ने दो कंपनियों के खिलाफ जांच के बाद कोर्ट में वाद दायर कर दिया है। सूत्रों का कहना है कंपनियां पार्टी ड्रग्स अपने लोकल डीलरों के माध्यम से उत्तराखंड, यूपी, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल आदि प्रांतों में सप्लाई करती हैं।