बीते कुछ दिन पहले उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, देवप्रयाग और बुधवार को कैंची धाम में बादल फटने की घटना पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि बादल फटने जैसी घटनाओं को देखते हुए प्रतीत होता है कि उक्त रडार क्रियाशील नहीं है। उन्होंने निदेशक मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून को पत्र लिखकर निर्देशित करते हुए कहा कि रडारों की क्रियाशीलता से अवगत कराना सुनिश्चित करें।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र में लगाए गए डॉप्लर रडार की इन घटना की सूचना और संबंधित विभाग की सूचना को संकलन करके व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार की ओर से कार्य किया जाएगा। जिससे प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
बादल फटने की घटना पर दुख जताते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कैंची धाम के घटनास्थल पर रेस्क्यू टीम राहत बचाव का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री का संकल्प है कि आपदा से प्रभावित लोगों को कम से कम समय में राहत पहुंचाए जाए। इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से रेस्क्यू टीम को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। जिससे राहत और बचाव का कार्य तेजी से किया जा सके।
दून व आसपास झमाझम हुई बारिश
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और थंडर स्टार्म गतिविधियों के सक्रिय होने से गुरुवार राजधानी दून से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों में कई इलाकों में बारिश के साथ ही हल्की बर्फबारी भी हुई। देहरादून व आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज दिन में दो बार बदला। दो बार काले घने बादल छाए और झमाझम बारिश भी हुईं।
मौसम विज्ञानियों ने संभावना जताई है कि अगले 24 घंटे में राज्य के पर्वतीय इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ ही बर्फबारी की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और थंडरस्टॉर्म्स विधियों के सक्रिय होने की वजह से मैदान से लेकर पहाड़ तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
गुरुवार को राजधानी दून में दिन में दो बार आसमान में काले बादल आए और झमाझम बारिश की। दोपहर बाद आसमान साफ हो गया। शुक्रवार को दून में बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना कम ही है।