कोरोना महामारी से बचाव के लिए वैक्सीन की पहली डोज ले चुके लोगों को दूसरी डोज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। राज्य के कुछ स्थानों में वैक्सीन की दूसरी डोज लेने पहुंचे लोगों को 56 दिन तक इंतजार करने को कहा गया है। इसकी वजह वैक्सीन की कमी मानी जा रही है।
राज्य में गुरुवार तक 45 साल से ऊपर 15 लाख 35 हजार 930 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। इनमें 4 लाख 91 हजार 53 लोग दोनों डोज लग चुकी हैं। यानी पहली वैक्सीन लगा चुके लोगों में से 10 लाख से ज्यादा लोगों को दूसरी डोज लगनी है।
टीकाकरण के अभियान की शुरुआत में 28 दिन बाद दूसरा टीका लगाया जा रहा था। लेकिन जैसे-जैसे वैक्सीन की कमी सामने आई। दूसरी डोज की अवधि को बढ़ा दिया गया। इस महीने केंद्र सरकार से आठ लाख वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। अगले महीने नौ लाख वैक्सीन राज्य को मिलेगी। मुख्य सचिव ओम प्रकाश के मुताबिक, देश की प्रमुख कंपनियों से भी बातचीत चल रही है कि वे केंद्र सरकार को अतिरिक्त वैक्सीन दें।
जाहिर है कि राज्य को वैक्सीन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। वैक्सीन की इस किल्लत का नतीजा है कि अब टीकाकरण केंद्रों पर दूसरा टीका लगाने के लिए अभी और इंतजार करने को कहा जाने लगा है। इसके लिए केंद्र सरकार की उस गाइडलाइन का हवाला दिया जा रहा है, जिसमें छह से आठ हफ्ते बाद वैक्सीन की दूसरी डोज का प्रावधान है।
केंद्र सरकार की गाइडलाइन में यह व्यवस्था है कि वैक्सीन की दूसरी डोज छह से आठ हफ्तों लगाई जा सकती है। वैक्सीन की दूसरी डोज टीकाकरण केंद्रों पर दी जा रही है।
-अमित नेगी, सचिव स्वास्थ्य
दूसरी डोज वालों को प्राथमिकता
केंद्र सरकार के राज्य को यह भी निर्देश हैं कि जो वैक्सीन भेजी जाएगी, उसमें से 70 प्रतिशत डोज 45 वर्ष की आयु से ऊपर के उन लोगों को दी जाएगी, जो पहला टीका लगवा चुके हैं। लेकिन यह वैक्सीन की उपलब्धता पर ही निर्भर करेगा।