फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Weather Today: गंगोत्री हाईवे से बीआरओ ने हटाई बर्फ, तीन दिन बाद बर्फबारी रुकने से लोगों ने ली राहत की सांस

Fri, 27 Nov 2020 09:07 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में आज धूप खिली - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

शुक्रवार को उत्तरकाशी में चटक धूप खिलने के साथ मौसम खुशगवार हो गया, जिससे चार दिन से बारिश बर्फबारी के कारण उपजी कड़ाके की ठंड से लोगों को राहत मिली है। बीआरओ के जवानों ने बर्फ हटाकर गंगोत्री तक यातायात बहाल कर दिया है। 

विज्ञापन


शुक्रवार को जिला मुख्यालय समेत निचली घाटियों में अधिकतम तापमान 18 डिग्री तथा न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री क्षेत्र में अधिकतम चार डिग्री और न्यूनतम -4 डिग्री सेल्सियस रहा। बीते रोज भारी बर्फबारी के कारण गंगोत्री हाईवे सुक्की से आगे अवरुद्ध हो गया था। बीआरओ के जवानों ने मशीनों की मदद से बर्फ हटाकर शुक्रवार को गंगोत्री तक यातायात बहाल कर दिया है।


जिले में बर्फ से अवरुद्ध अन्य सड़कों की बर्फ भी पिघलने से वहां यातायात सुचारु हो गया है। उपला टकनौर क्षेत्र में सुक्की तक ग्रिड की लाइट तथा हर्षिल, मुखबा एवं धराली में हर्षिल लघु जल विद्युत परियोजना से विद्युत आपूर्ति बहाल हो गई है। यहां झाला, जसपुर एवं पुराली गांव में विद्युत आपूर्ति अभी भी ठप पड़ी है। मोरी प्रखंड के लिवाड़ी, फिताड़ी, कासला, रेक्चा और हरिपुर गांव में भी विद्युत आपूर्ति अभी ठप होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

निचले क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप जारी

शुक्रवार को सुबह से आसमान साफ रहा। केदारनाथ में अधिकतम तापमान 8 डिग्री और न्यूनतम -10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तुंगनाथ, हरियाली डांडा समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी दो से ढाई फीट तक बर्फ जमी है, जिससे निचले क्षेत्रों में शीतलहर चल रही है। रुद्रप्रयाग में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया।

जड़ीबूटियों के लिए बर्फबारी है वरदान
उच्च हिमालय के बुग्यालयों व घाटियों में पाई जाने वाली दुर्लभ जड़ीबूटियों के लिए बर्फबारी संजीवनी साबित हुई है। बर्फ गिरने से जहां औषधीय पादपों की जड़ें मजबूत होंगी व उनमें अधिक रसायनिक योगिकों भी बनेंगे, जो चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।

एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि के उच्च शिखरीय पादप शोध संस्थान के वैज्ञानिक डा. विजयकांत पुरोहित व उद्यान विशेषज्ञ नीरज बलोनी ने बताया कि बर्फबारी से बुग्यालों में पाई जाने वाली जड़ीबूटियों की जड़ें मजबूत होंगी। बुग्यालों के लिए वर्षभर नमी से मिट्टी की परत भी मजबूत होती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें