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Weather Today: कुमाऊं के पहाड़ी जिलों में आफत बनी बारिश, अब इतने बजे तक ही खुलेगा मसूरी-दून मार्ग

Tue, 11 Aug 2020 11:00 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़/बागेश्वर/चंपावत

सार

  • बरसात में खतरनाक जगहों पर निगरानी रखेगी एसडीआरएफ
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यमुनोत्री पैदल मार्ग बंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। कई घरों में मलबा घुस गया जबकि कई घर ध्वस्त हो गए। तमाम नदियां उफनाने से लोग दहशत में हैं। बागेश्वर में विद्युत लाइन पर पेड़ गिरने से 36 गांवों की बिजली गुल हो गई है।

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 पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश से तीन मकान ध्वस्त हो गए। एक परिवार की महिला ने किसी तरह बच्चों के साथ भागकर जान बचाई। दूसरे परिवार ने स्कूल भवन में शरण ली हुई है। जिले में 37 से अधिक सड़कें बंद हैं, जबकि बागेश्वर में 24 और चंपावत जिले में दो सड़कों पर यातायात बंद है। थल-मुनस्यारी सड़क बंद होने से वाहन सुरिंग गांव से प्रसव पीड़िता को लेकर आ रहा 108 वाहन हरड़िया के फंस गया। 108 कर्मियों और चिकित्सकों की टीम ने एंबुलेंस में ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। 

भारी बारिश से तमाम नदियां उफान पर हैं। काली नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के उपर पहुंच गया है। सरयू नदी उफान है। जिससे सेराघाट, तल्ली नाली, जिंगल, सल्लूड़ी, बमोरी, बाली बगड़ आदि गांवों पर भी खतरा मंडराने लगा है। जैगन नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से स्नानघाट पूरी तरह जलमग्न हो गया है। शारदा बैराज पर दूसरे दिन भी रेड अलर्ट रहा। बारिश के चलते नदी किनारे रहने वाले लोग भी दहशत में हैं। 
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चंपावत जिले में टनकपुर-तवाघाट एनएच में पलेबा-पनखोली के पास तीन माह पूर्व बनाई सुरक्षा दीवार ध्वस्त हो गई है। झूलाघाट-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग की दीवार गिर भी गई है। बागेश्वर जिले में सोमवार की रात से मंगलवार की सुबह तक हुई भारी बारिश से तमाम सड़कें मलबे से पट गईं और कई घरों में मलबा घुस गया। 12 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

कई अन्य मकानों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।  24 घंटे में बागेश्वर में 100 एमएम, कपकोट में 95 एमएम और गरुड़ क्षेत्र में 82.50 एमएम बारिश हुई। सैंज में कलवर्ट बंद होने से बरसात का पानी और मलबा 30 से अधिक घरों में घुस गया। सरयू तट पर स्थित बागनाथ मंदिर परिसर पानी से लबालब भर गया। सारे घाट जलमग्न हो गए। गोगिना-रातिरकेठी सड़क बंद होने के कारण इलाके में जरूरी सामान की किल्लत होने लगी है।

नेपाल के डोटी जिले में मकान ध्वस्त

नेपाल के डोटी जिले में बारिश के दौरान मकान ध्वस्त होने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। घटना में पांच लोग घायल हो गए हैं। घायलों को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल भेज दिया है। डोटी प्रहरी कार्यालय के अनुसार सोमवार रात क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद आदर्श गांवपालिका खलगड़ा में लोगे विक का तीन मंजिला मकान भरभरा कर गिर गया।

मकान के अंदर सो रहे बिश्ना विक (32), पारस (12), सिर्जना (8) और जेनिसा (4) दब गए। रात में ही नेपाल प्रहरी और पड़ोस के लोगों ने इन लोगों को मलबे से निकाला। हादसे में मृतका की मां ताना लुहार, सास, बहिन और एक बेटा गंभीर घायल हो गए। डोटी के डीएसपी इंद्र मल्ल ने बताया कि घायलों को रात में ही मलबे से निकालकर प्राथमिक उपचार के बाद डोटी जिला मुख्यालय भेज दिया।

डोली से पांच किमी लाए, फिर पहुंचाया अस्पताल

नेपाल सीमा और महाकाली नदी किनारे बसा दूरस्थ तड़ीगांव सड़क सुविधा से वंचित है। इस गांव के लोग मरीज को पांच किमी पैदल लाकर सड़क तक लाने के लिए मजबूर हैं। सड़क सुविधा न होने से कई लोग गांव से पलायन कर चुके हैं। गांव के उस पार नेपाल के सभी गांव सड़क सुविधा से जुड़ चुके हैं, लेकिन आजादी के 74 साल में भी तड़ीगांव के लोग सड़क की राह देख रहे हैं।

गांव में अगर कोई ज्यादा बीमार हो जाए तो ग्रामीण डोली में रखकर सड़क तक लाते हैं। सरकार और जनप्रतिनिधियों के सौतेले व्यवहार के कारण क्षेत्र की सुध लेने वाला कोई नहीं है। ग्रामप्रधान कविता चंद ने बताया प्रत्येक चुनाव में गांव में कोई जनप्रतिनधि तक नहीं आता।

दूर होने के कारण गांव के ही लोग प्रचार करने के साथ ही सड़क बनाने का आश्वासन देते हैं लेकिन सड़क नहीं बन सकी। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अपने चहेतों को खुश करने के कारण दुर्गम क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया, जबकि तड़ीगांव पार नेपाल के गांवों में सड़क और फोर जी संचार सेवा से जोड़ते हुए सुरक्षा को मजबूत किया है।

भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे समेत कई मार्ग बंद

मूसलाधार बारिश के कारण हुए भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे समेत कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। मार्ग बंद होने से दर्जनों गांवों की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई है। संबंधित विभागों की ओर से सभी मार्गों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

सोमवार रात की बारिश के कारण थिरांग, डबरानी व रीडा तोक में भारी भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे पर यातायात ठप हो गया है। मंगलवार को बीआरओ कर्मचारी हाईवे खोलने पहुंचे लेकिन मलबा अधिक होने के कारण हाईवे नहीं खोला जा सका। ऐसे में हाईवे किनारे कई वाहन फंसे होने के साथ ही उपला टकनौर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों का भी मुख्यालय से संपर्क कट गया है।

उधर, भूस्खलन के कारण सौरा-सारी मार्ग के अलावा भुक्की-कुज्जन-तिहार मार्ग भी एक बार फिर से बाधित हो गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि गंगोत्री हाईवे समेत अन्य दोनों बाधित मार्गों को खोलने का काम चल रहा है।

फिर बंद हुआ जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग

जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग भी भूस्खलन से एक बार फिर बंद हो गया है। अनोज उनियाल, आशुतोष उनियाल, विवेक उनियाल आदि तीर्थपुरोहितों ने बताया कि भैरव मंदिर, भिंडियाली गाड़ व घोड़ा पड़ाव के निकट भारी मलबा पत्थर जमा होने के कारण यमुनोत्री धाम का पैदल मार्ग अवरुद्ध हुआ है।

पुरोहितों व श्रद्धालुओं को मलबे के ढेर के ऊपर से ही जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से पैदल मार्ग को जल्द सुचारु करने के साथ ही एसडीआरएफ के जवानों को भी तैनात करने की मांग की। उधर, लोनिवि के जेई रविंद्र चौहान ने बताया कि मार्ग को खोलने के लिए मजदूरों को भेजा जा रहा है।

लामबगड़ में दो दिन बाद सुचारु हुआ हाईवे 

बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में दो दिन बाद मंगलवार को सुचारु हुआ। हाईवे सुचारु होने पर सेना के जवानों और बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। रविवार को तड़के हाईवे पर मलबा और बोल्डर आने से वाहनों की आवाजाही थम गई थी।

एनएच की जेसीबी के जरिए मलबा हटाया गया और दोपहर में वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई गई, लेकिन फिर बारिश होने पर अपराह्न तीन बजे हाईवे बंद हो गया था। लगातार मौसम खराब रहने के कारण सोमवार को भी हाईवे नहीं खोला जा सका, जिस कारण सेना के जवानों और बदरीनाथ धाम जा रहे श्रद्धालुओं ने करीब एक किलोमीटर की दूरी पैदल नापी। मंगलवार को मौसम सामान्य होने के कारण पूर्वाह्न ग्यारह बजे हाईवे सुचारु हुआ और वाहनों की आवाजाही सुचारु हुई।

देवाल-थराली मार्ग बंद, एंबुलेंस सहित सैकड़ों वाहन फंसे

देवाल-थराली मार्ग मंगलवार को पूर्णा व नंदकेशरी के बीच चट्टान टूटने से 12 घंटे तक बंद रहा। सड़क बंद होने से एंबुलेंस सहित सैकड़ों वाहन फंसे रहे। सड़क सोमवार रात को बंद हो गई थी जिसे मंगलवार शाम को करीब 4.30 बजे जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर बहाल किया जा सका। इस दौरान देहरादून, हल्द्वानी, थराली, ग्वालदम को जाने वाले सैकड़ों वाहन फंसे रहे। सड़क बंद होने के कारण देवाल आदि जगहों से भक्तगण नंदकेशरी मेले में नहीं जा सके।
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सुबह 7 से शाम 8 तक ही खुलेगा मसूरी-दून मार्ग 

देहरादून-मसूरी मार्ग सोमवार की शाम को भूस्खलन की वजह से बंद हो गया था। मंगलवार को प्रशासन की टीम ने छोटे चौपहिया व दुपहिया वाहनों के लिए एंट्री खोल दी। केवल सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक ही वाहन आ-जा सकेंगे। हालांकि भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी।

बता दें, सोमवार को भारी भूस्खलन के बाद मसूरी देहरादून मार्ग पानी वाले बैंड के पास करीब 50 मीटर सड़क ढह गई थी। मसूरी पुलिस द्वारा सोमवार की देर शाम को सुरक्षा की दृष्टि से देर शाम को बंद कर दिया गया था। मंगलवार को मसूरी कोतवाल देवेंद्र असवाल के द्वारा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से विचार-विमर्श कर छोटे और दोपहिया वाहनों के लिए एकमार्गीय व्यवस्था बनाकर सड़क को खोला गया है।

कोतवाल ने बताया कि मार्ग को शाम आठ बजे तक के लिए खोला गया है। बारिश को देखते हुए शाम आठ बजे के बाद मार्ग सुबह सात बजे तक के लिए इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद करा दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा भी सड़क के निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है।

मसूरी कोतवाल ने बताया कि सुबह सात बजे से छोटे और दोपहिया वाहनों के लिए सड़क खोल दी गई थी। इससे लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। मसूरी में किसी भी प्रकार की बस सेवाएं फिलहाल बंद रहेंगी। एसडीएम मसूरी प्रेमलाल ने बताया कि मार्ग को सुचारू करने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा काम शुरू कर दिया गया है।

इसे जल्द मार्ग का निर्माण करके सुचारू किया जा सके। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जगमोहन चौहान ने बताया कि मसूरी देहरादून मार्ग पानी वाले बैंड के पास भारी बारिश से करीब 50 मीटर ढह गया है। सड़क का बहुत ही छोटा भाग बचा हुआ है। मलबे को हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया की उनके द्वारा विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार को जल्द से जल्द सड़क के निर्माण कराए जाने के निर्देश दे दिए गए हैं।

दो दिन से ठप है बिजली-पानी की आपूर्ति 

दो दिन से हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नगर और आसपास के इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। कई जगह सड़कें अभी तक बंद हैं। कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप है। पुलिस, बिजली और प्रशासन की टीमें व्यवस्थाएं सुचारु करने में जुटी हुई हैं। 

कई क्षेत्रों में बिजली की लाइन पर पेड़ और खंभे गिरने से विद्युत सप्लाई ठप है। कंपनी गार्डन और आसपास के सैकड़ों घरों में दो दिनों से बिजली नहीं आ पाई है। ऑनलाइन क्लास करने वाले बच्चों को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी किरण रावत और दिलावर सिंह नेगी ने बताया कि शनिवार को तेज बारिश के बाद से कई पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके चलते बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द क्षेत्र में विद्युत सेवाओं को बहाल किया जाए। 

देहरादून मार्ग पर कई जगह भूस्खलन होने के बाद यातायात बाधित है। इसे खोलने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें काम कर रही हैं। विद्युत निगम के एसडीओ पंकज थपलियाल ने बताया कि भारी बारिश के चलते कंपनी गार्डन में तीन पेड़ गिर गए, जिससे सात पोल के साथ ही हाईटेंशन लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसे दुरुस्त करने का प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी गार्डन व आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द ही बहाल कर दी जाएगी। 

भूस्खलन के बाद कैंपटी क्षेत्र के दर्जनों गांवों के रास्ते बंद

भारी बारिश से कैंपटी क्षेत्र व आसपास के दर्जनों गांवों को जाने वाले रास्ते भूस्खलन की वजह से बंद हो गए हैं। इससे कैंपटी चडोगी मार्ग से करीब एक दर्जन गांव लंगवाल गांव, मथेला दाबला रियाट गांव के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह मार्ग बंद होने के कारण लोगों को पैदल ही कई किलोमीटर चलकर अपने घर जाना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासी रमेश पंवार ने बताया कि उनका गांव शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर है। ऐसे में रास्ते में पत्थर और भूस्खलन होने के कारण मार्ग कई जगह बाधित है। कई जगह जान जोखिम में डालकर दोपहिया वाहन से अपने घर जाना पड़ रहा है। ऐसे में उनके व ग्रामीणों द्वारा लोक निर्माण विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार फोन पर बात कर बंद पड़े मार्गों को खुलवाने का आग्रह किया गया, लेकिन अभी तक मार्ग खोलने के लिए किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।

इससे ग्रामीणों में शासन और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। ऐसे में मार्ग को जल्द नहीं खोला जाता है तो शासन और प्रशासन के खिलाफ लापरवाही के खिलाफ सड़कों पर उतर की आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीश सिंह ने बताया की जेसीबी खराब होने के कारण मार्ग को खोला नहीं जा सका। मार्ग को खोलते समय जेसीबी में तकनीकि कमी आने के कारण काम रुक गया था। ऐसे में बुधवार को दूसरी जेसीबी लगाकर सभी मार्गों को खोला जाएगा।
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