कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। कई घरों में मलबा घुस गया जबकि कई घर ध्वस्त हो गए। तमाम नदियां उफनाने से लोग दहशत में हैं। बागेश्वर में विद्युत लाइन पर पेड़ गिरने से 36 गांवों की बिजली गुल हो गई है।
पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश से तीन मकान ध्वस्त हो गए। एक परिवार की महिला ने किसी तरह बच्चों के साथ भागकर जान बचाई। दूसरे परिवार ने स्कूल भवन में शरण ली हुई है। जिले में 37 से अधिक सड़कें बंद हैं, जबकि बागेश्वर में 24 और चंपावत जिले में दो सड़कों पर यातायात बंद है। थल-मुनस्यारी सड़क बंद होने से वाहन सुरिंग गांव से प्रसव पीड़िता को लेकर आ रहा 108 वाहन हरड़िया के फंस गया। 108 कर्मियों और चिकित्सकों की टीम ने एंबुलेंस में ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया।
भारी बारिश से तमाम नदियां उफान पर हैं। काली नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के उपर पहुंच गया है। सरयू नदी उफान है। जिससे सेराघाट, तल्ली नाली, जिंगल, सल्लूड़ी, बमोरी, बाली बगड़ आदि गांवों पर भी खतरा मंडराने लगा है। जैगन नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से स्नानघाट पूरी तरह जलमग्न हो गया है। शारदा बैराज पर दूसरे दिन भी रेड अलर्ट रहा। बारिश के चलते नदी किनारे रहने वाले लोग भी दहशत में हैं।
चंपावत जिले में टनकपुर-तवाघाट एनएच में पलेबा-पनखोली के पास तीन माह पूर्व बनाई सुरक्षा दीवार ध्वस्त हो गई है। झूलाघाट-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग की दीवार गिर भी गई है। बागेश्वर जिले में सोमवार की रात से मंगलवार की सुबह तक हुई भारी बारिश से तमाम सड़कें मलबे से पट गईं और कई घरों में मलबा घुस गया। 12 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
कई अन्य मकानों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। 24 घंटे में बागेश्वर में 100 एमएम, कपकोट में 95 एमएम और गरुड़ क्षेत्र में 82.50 एमएम बारिश हुई। सैंज में कलवर्ट बंद होने से बरसात का पानी और मलबा 30 से अधिक घरों में घुस गया। सरयू तट पर स्थित बागनाथ मंदिर परिसर पानी से लबालब भर गया। सारे घाट जलमग्न हो गए। गोगिना-रातिरकेठी सड़क बंद होने के कारण इलाके में जरूरी सामान की किल्लत होने लगी है।
नेपाल के डोटी जिले में मकान ध्वस्त
नेपाल के डोटी जिले में बारिश के दौरान मकान ध्वस्त होने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। घटना में पांच लोग घायल हो गए हैं। घायलों को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल भेज दिया है। डोटी प्रहरी कार्यालय के अनुसार सोमवार रात क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद आदर्श गांवपालिका खलगड़ा में लोगे विक का तीन मंजिला मकान भरभरा कर गिर गया।
मकान के अंदर सो रहे बिश्ना विक (32), पारस (12), सिर्जना (8) और जेनिसा (4) दब गए। रात में ही नेपाल प्रहरी और पड़ोस के लोगों ने इन लोगों को मलबे से निकाला। हादसे में मृतका की मां ताना लुहार, सास, बहिन और एक बेटा गंभीर घायल हो गए। डोटी के डीएसपी इंद्र मल्ल ने बताया कि घायलों को रात में ही मलबे से निकालकर प्राथमिक उपचार के बाद डोटी जिला मुख्यालय भेज दिया।
डोली से पांच किमी लाए, फिर पहुंचाया अस्पताल
नेपाल सीमा और महाकाली नदी किनारे बसा दूरस्थ तड़ीगांव सड़क सुविधा से वंचित है। इस गांव के लोग मरीज को पांच किमी पैदल लाकर सड़क तक लाने के लिए मजबूर हैं। सड़क सुविधा न होने से कई लोग गांव से पलायन कर चुके हैं। गांव के उस पार नेपाल के सभी गांव सड़क सुविधा से जुड़ चुके हैं, लेकिन आजादी के 74 साल में भी तड़ीगांव के लोग सड़क की राह देख रहे हैं।
गांव में अगर कोई ज्यादा बीमार हो जाए तो ग्रामीण डोली में रखकर सड़क तक लाते हैं। सरकार और जनप्रतिनिधियों के सौतेले व्यवहार के कारण क्षेत्र की सुध लेने वाला कोई नहीं है। ग्रामप्रधान कविता चंद ने बताया प्रत्येक चुनाव में गांव में कोई जनप्रतिनधि तक नहीं आता।
दूर होने के कारण गांव के ही लोग प्रचार करने के साथ ही सड़क बनाने का आश्वासन देते हैं लेकिन सड़क नहीं बन सकी। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अपने चहेतों को खुश करने के कारण दुर्गम क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया, जबकि तड़ीगांव पार नेपाल के गांवों में सड़क और फोर जी संचार सेवा से जोड़ते हुए सुरक्षा को मजबूत किया है।