दून में बुधवार की सुबह से रुक-रुक कर बरसात होती रही। बरसात के चलते एवं पहाड़ में हुई बरसात से नदियों का जलस्तर बढ़ने से रिस्पना व बिंदाल के किनारे रहने वाले मकानों में पानी घुस गया। वहीं, कई कॉलोनियों की सड़कें जलमग्न हो गईं। मियांवाला में नदी किनारे के कई पुस्ते ढह गए। इसकी वजह से वहां बने तीन मकान खतरे की जद में हैं। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।
बरसात के चलते विवेकानंद ग्राम फेस-2 स्ट्रीट नं. 4 की सड़क तालाब में तब्दील हो गई। पलटन बाजार में भी जलभराव हुआ। आजाद विहार, कारगी ग्रांट, टीचर कॉलोनी, गल्जवाड़ी के ग्राम रजवाड़ी, बल्लूपुर स्थित मित्रलोक कॉलोनी, कौलागढ़, सुमननगर, समेत तमाम इलाकों की सड़कें जलमग्न हो गईं। हालांकि बरसात बंद होने के बाद सड़कों का पानी निकल गया।
उधर, कांवली रोड, खुड़बुड़ा, सेवलाकलां, महाराजा अग्रसेन चौक, जीएमएस रोड, ट्रांसपोर्ट नगर, शिमला बाईपास, करनपुर, मियांवाला आदि क्षेत्रों में भी बरसात के दौरान सड़कें जलमग्न रहीं। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी हुई। इसके अलावा मियांवाला स्थित दिव्या विहार में नदी के किनारे बने तीन मकान पुस्ता ढहने से खतरे की जद में आ गए। पार्षद पूजा नेगी ने पटवारी के साथ मौका-मुआयना किया। इसके अलावा रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे कई जगहों पर पुस्ता टूटने की सूचना है। हालांकि बरसात के कारण रात तक कहीं कोई दुर्घटना का मामला सामने नहीं आया है।
आपदा कंट्रोल रूम पहुंचीं तीन शिकायतें
नगर निगम में बनाए गए आपदा कंट्रोल रूम में बुधवार को बरसात संबंधी केवल तीन शिकायतें ही पहुंची। इसमें दून अस्पताल में जेसीबी मांगी गई। दो अन्य जगहों पर जलभराव की शिकायत थी, जिसे टीम भेजकर ठीक करा दिया गया।