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4 साल पहले की 'गर्मी' आज दे रही है ठंड

Tue, 11 Mar 2014 08:51 AM IST
प्रवेश कुमारी/अमर उजाला, देहरादून
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मार्च का मध्य आ चुका, लेकिन बदरा थमने का नाम नहीं ले रहे। वैज्ञानिक कारणों पर आएं तो इसकी वजह 2010 की अतिवृष्टि को माना जा रहा है।
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राजधानी देहरादून स्थित वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों के अनुसार जिस साल गर्मी में औसत से अधिक बारिश रहती है, दो साल बाद उसका असर देखने को मिलता है। अबकी बारिश उसी का नतीजा है।

2010 में 40 फीसदी ज्यादा बारिश
बता दें कि 2010 में बारिश का आंकड़ा 40 फीसदी ज्यादा रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) भी इस बात की पुष्टि कर चुका है।

वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों ने अपनी राय किसी पूर्वानुमान के आधार पर नहीं की जाहिर की है, बल्कि इस संबंध में संस्थान की तरफ से हिमालय की गुफाओं में स्पीलियोथेम (लाइम स्टोन की जमावट) पर हुआ अध्ययन इसका आधार बना है।
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स्वेटर में कटेगी होली
वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के निदेशक डा. अनिल कुमार गुप्ता बताते हैं कि इस अध्ययन के नतीजों को अभी तक प्रकाशित नहीं किया गया है। उनके मुताबिक अबकी सर्दी की बारिश और बर्फबारी का जो दौर चल रहा है, वह दो साल पहले हुई बारिश का ही परिणाम है।
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इसे एक तरह से एक चक्र कह सकते हैं। उनकी मानें तो अबकी होली स्वेटर में ही काटनी पड़ सकती है। बारिश, बर्फबारी का क्रम अगर अभी इसी तरह बरकरार रहता है तो दो साल बाद यानी 2016 में भी इसका असर पड़ने की पूरी संभावना है।
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