अगस्त्यमुनि बालिका एथलेटिक्स हॉस्टल आपदा की भेंट चढ़ने के बाद से वहां की 20 खिलाडियों को रोशनाबाद जिला क्रीडा कार्यालय शिफ्ट किया गया है। यहां खिलाडियों को रहने और खाना को तो इंतजाम है। खेल-कूद की तैयारी की ठीक चल रही है।
लेकिन यहां खिलाड़ियों की पढ़ाई की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है। कई को अग्रीम कक्षाओं में दाखिला लेना है, लेकिन इनकी पढ़ाई की फिक्र किसी को नहीं। बीते माह राज्य में भारी बरसात से हुई तबाही के दौरान रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि स्थित बालिका एथलेटिक्स हॉस्टल को भारी नुकसान पहुंचा।
हॉस्टल की हालत रहने लायक नहीं रही, जिसके चलते यहां एथलेटिक्स की प्रैक्टिस करने के साथ-साथ पढ़ने वाली 20 खिलाड़ियों को हरिद्वार के जिला स्पोटर्स स्टेडियम रोशनाबाद में शिफ्ट किया गया है। 16 जुलाई से ये खिलाड़ी अपनी कोच के साथ यहां अभ्यास कर रही हैं।
यहां इन लड़कियों को खाना, रहना और खेलना के पूरी व्यवस्था है। लेकिन इनकी पढ़ाई की चिंता किसी को नहीं। कक्षा आठ से लेकर बीए फाइनल की छात्राएं भी इनमें शामिल हैं। यह अगत्स्यमुनि स्थित इंटर कालेज और डिग्री कालेज में अध्ययनरत हैं।
किसी को इंटर के बाद डिग्री कालेज में प्रवेश लेना है तो किसी को ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन में। डिग्री कालेजों में प्रवेश की तिथि निकलती जा रही है। इसके बावजूद भी यहां अभी तक इनकी पढ़ाई की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
खिलाड़ियों को सता रही पढ़ाई की चिंता
अगत्स्यमुनी हॉस्टल में रहने वाली यह खिलाड़ी पूरे प्रदेश के जनपदों से हैं। राज्य की सभी होनहार एथलीट्स राष्ट्रीय, प्रदेश, नार्थ जोन और विश्वविद्यालय स्तर पर कई मैडल हासिल कर चुकी हैं। बीए पास कर चुकी ममता मेहता को एमए में पढ़ना है।
अंजना वर्मा बीए प्रथम, पूजा प्रजापति बीए प्रथम और प्रीति मेहता 12वीं में पढ़ रही है। देवयानी रावत 12वीं पास कर चुकी और ग्रेजुएशन में प्रवेश लेना है। अंकिता चौधरी, मधुराणा 10 वीं की छात्राएं हैं। पारुल और साबिया बानो बीए द्वितीय वर्ष, जया खाती बीए प्रथम की पढ़ाई कर रही है।
शिवानी कश्यप, मनीषा, विनीता, पूजा गोस्वामी, पारुल चौधरी, माला बिष्ट, कमला भट्ट 11वीं में पढ़ती है। जबकि स्वाती असवाल 12वीं और ज्योति उनियाल बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। गौरी कोटियाल आठवीं और रचना रावत को बीए फाइनल की पढ़ाई करनी है।
पता नहीं कब तक रहना होगा
अगस्त्यमुनि से भेजी गई सभी खिलाडियों को नहीं पता कब तक यहां रहना होगा। लड़कियों के साथ आई उनकी कोच महेशी आर्या का कहना है कि जब वहां का हॉस्टल तैयार होकर यहां से शिफ्ट होने के निर्देश नहीं मिल जाते तब तक लड़कियां यहां से नहीं जा सकती।
राष्ट्रीय पदक विजेता भी शामिल
रोशनाबाद में रह रही एथलेटिक्स खिलाडियों में कई लड़कियां राष्ट्रीय पदक विजेता भी हैं। दौड, ऊंची कूद और डिस्कश थ्रो में नेशनल, नार्थ जोन और विश्वविद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं की मैडल विजेता लड़कियां जिला खेल कार्यालय में रहकर प्रैक्टिस कर रही हैं।
क्या कहतें हैं कोचः
'बिना उच्चाधिकारियों की अनुमति यहां से किसी भी खिलाड़ी को वापिस नहीं ले जाया जा सकता। हां पढ़ाई का नुकसान जरुर हो रहा है इसके लिए जल्दी ही समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।'
महेशी आर्या, कोच अगस्तमुनि बालिका हॉस्टल।