विकासनगर और सेलाकुई में ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री का निर्जला व्रत रखा। विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पति के दीर्घायु की कामना की।
बृहस्पतिवार की सुबह व्रती महिलाएं वट वृक्ष के नीचे एकत्रित हुईं। सबसे पहले वट वृक्ष को हल्दी का लेप लगाया। फिर पीले धागे को वट वृक्ष पर बांधकर सात बार परिक्रमा की।उसके बाद जल अर्पण किया। पूजन के बाद सावित्री और सत्यवान की कथा सुनीं। उसके बाद घर पहुंचकर पति के माथे पर तिलक कर उनकी लंबी आयु, आरोग्य, सुख और समृद्धि की कामना की। विकासनगर में डाकपत्थर, हरबर्टपुर, सहसपुर आदि क्षेत्रों सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष का पूजन किया। सेलाकुई में ज्वाला मंदिर में वट वृक्ष का पूजन किया गया। व्रती महिलाओं ने शाम को सूर्यास्त के बाद व्रत का पारण किया। पूजन करने वालों में परिधि अग्रवाल, शिल्पी, पायल, सुनीता, मंजू, लक्ष्मी गोयल, भावना, पिंकी आदि सुहागिन महिलाएं शामिल रहीं।