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कोरोना काल की वजह से दून अस्पताल में वेटिंग 500, ऑपरेशन हुआ सिर्फ एक

Tue, 16 Feb 2021 11:14 AM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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दून अस्पताल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में कोरोना काल की वजह से करीब 11 महीने बाद सोमवार को ऑपरेशन शुरू कर दिए गए। इसके लिए अलग-अलग विभागों में वेटिंग तो 500-500 तक है, लेकिन सोमवार को सिर्फ एक ही ऑपरेशन किया जा सका। अस्पताल के डॉक्टरों का सुस्त रवैया और ढुलमुल तैयारी को इसकी वजह बताया जा रहा है।

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दून अस्पताल के कोरोना अस्पताल के रूप में तब्दील होने पर ओपीडी, सामान्य मरीजों के भर्ती होने और ऑपरेशन पर लगभग 11 महीने पहले रोक लगा दी गई थी। इसके बाद से लोगों को ऑपरेशन के लिए या तो दूसरे कम आधुनिक सरकारी अस्पतालों से ऑपरेशन कराने पड़ रहे थे या आपात स्थिति में निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा था।

जो ऑपरेशन टाले जा सकते थे, उनके लिए दून अस्पताल में सूची तैयार की जा रही थी। इस तरह से विभिन्न विभागों में ऑपरेशन वाले मरीजों की वेटिंग 500-500 तक पहुंच चुकी है। सोमवार को अस्पताल प्रबंधन ने सभी तरह के ऑपरेशन शुुरू करने का दावा किया था। बाकायदा इसकेे लिए मरीजों को फोन कर जानकारी देने का भी दावा किया गया था।
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इसके बावजूद सोमवार को जनरल सर्जरी विभाग में मात्र एक ऑपरेशन हुआ। जो एक वृद्ध महिला की पित्त की थैली का ऑपरेशन था। इसे भी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना और उनकी टीम ने किया। ऐसे में डॉक्टरों और प्रबंधन की तैयारी व कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नाक, कान, गला रोग, नेत्र रोग, दंत रोग, महिला एवं प्रसूति विभाग समेत किसी भी विभाग में ऑपरेेशन नहीं हुआ। इन विभागों के सर्जन का कहना था कि कोरोना और अन्य जांच रिपोर्ट के अलावा ऑपरेशन के लिए कुछ जरूरी तैयारी अभी पूरी नहीं हो पाई है। इसलिए ऑपरेशन शुरू होने में अभी कुछ वक्त लगेगा।

प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि अभी मरीजों में कोविड अस्पताल होने की वजह से ऑपरेशन को लेकर डर का माहौल है। कुछ जरूरी तैयारियों को दुरुस्त किया जा रहा है। मरीजों को संदेश देना है कि कोरोना के बहुत कम मरीज अब अस्पताल में भर्ती हैं। इन मरीजों को अलग बिल्डिंग में आइसोलेशन में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। ऐसे में कोरोना के संक्रमण को लेकर अस्पताल आने में डरने की जरूरत नहीं है।

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