जिले में साक्षरता अभियान पढ़ो दून-बढ़ो दून का भौतिक सत्यापन सोमवार से शुरू हो गया। माध्यमिक शिक्षक सभी ब्लॉकों में घर-घर जाकर साक्षर हुए लोगों का ऑनलाइन टेस्ट लेंगे। इसमें पास होने पर अभियान की सफलता पर फैसला होगा। अभियान को अंजाम देने वाले प्राथमिक शिक्षकों को सत्यापन से दूर रखा है।
अभियान के भौतिक सत्यापन को 17 फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य दिया है। केवल चकराता व कालसी ब्लॉक के दुर्गम इलाकों के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से जिले में माध्यमिक शिक्षकों को भौतिक सत्यापन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
इसमें साक्षरता अभियान से जुड़े लोगों का टेस्ट लेने के लिए किट तैयार की गई, जिसके संचालन की जानकारी शिक्षकों को दी। शिक्षक घर-घर जाकर इन लोगों का टेस्ट लेंगे। जवाब देने के बाद उत्तर-पुस्तिका विभाग को ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगी। इस उत्तर पुस्तिका को शिक्षक प्रिंट आउट निकालकर विभाग में उपलब्ध कराएंगे।
प्रदर्शन के आधार लोगों को फेल-पास किया जाएगा। विभाग की ओर से इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। बता दें कि डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव की पहल पर जिले में साक्षरता अभियान चलाया गया था, जो 26 जनवरी को पूरा हुआ। शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एनजीओ सदस्यों की मदद से निरक्षर लोगों को साक्षर बनाया।
जिले में साक्षरता अभियान का भैतिक सत्यापन सोमवार से शुरू कर दिया गया है। साक्षर बनाए गए लोगों का टेस्ट लिया जाएगा। उनके प्रदर्शन के आधार अभियान की सफलता तय हो सकेगी।
- यशवंत चौधरी, जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक)