कई दिन पहले खाली करा दिया था गांव
गांव को जलविद्युत निगम व प्रशासन ने कई दिन पहले ही खाली करा लिया था। गांव में रहने वाले परिवारों को गांव में ही ऊंचाई पर बने एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय व जलविद्युत निगम की कालोनी के 12 अन्य मकानों में शिफ्ट किया गया।
परियोजना के प्रभारी अधिकारी व जलविद्युत निगम के सहायक महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल ने बताया कि व्यासी डैम में पानी का स्तर फिलहाल 629 मीटर पहुंच गया है। जबकि देर रात तक जलस्तर के निर्धारित 631 मीटर तक पहुंचने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि पानी की मात्रा पूरी हो जाने के बाद इसी सप्ताह से टरबाइनों से उत्पादित होने वाली बिजली को पावर ग्रिड में तक पहुंचाने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके अलावा अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक प्रदेश को परियोजना से बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को निर्धारित मुआवजा व अन्य तमाम प्रकार के देय का भुगतान पहले ही कर दिया गया है। इसके अलावा परिवारों को अस्थायी रूप से रहने के लिए छह माह का किराया देने की भी व्यवस्था निगम के माध्यम से की गई है।
व्यासी जल विद्युत परियोजना : एक नजर में
स्थान: लखवाड़ , जिला देहरादून ब्लॉक कालसी
स्वामित्व : उत्तराखंड जलविद्युत निगम
यमुना नदी पर निर्मित परियोजना
बांध की ऊंचाई : 204 मीटर (669 फीट)
उत्पादन क्षमता 300 मेगावाट
टरबाइन तीन (सौ-सौ मेगावाट क्षमता की)
परियोजना का कुल रकबा : 9.57 वर्ग किलोमीटर
निर्माण आरंभ : 1987