अगर वह हिम्मत नहीं दिखाता तो कपकोट स्थित नैकाना तोक के गांव में स्थित व्यास गुफा के भीतर का रहस्य, रहस्य ही रह जाता।
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इस गुफा के भीतर जाकर भनार निवासी युवक महिपाल कोरंगा ने इसके रहस्य खोलने में कामयाबी पाई है। कोई अनिष्ट न हो जाए इस आशंका से अब तक कोई गुफा के भीतर जाने का साहस नहीं कर पाया था।
पाताल भुवनेश्वर की तरह ही है यह गुफा
200 मीटर लंबी यह गुफा गंगोलीहाट (पिथौरागढ़) स्थित पाताल भुवनेश्वर की तरह ही है।
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गुफा के अंदर आराम से टहला जा सकता है। इसकी चौड़ाई डेढ़ मीटर से भी अधिक है, जबकि प्रवेश द्वार की ऊंचाई छह फीट और गुफा के अंदर की ऊंचाई 15 फीट है।
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गुफा की दीवारों में शिवलिंग, गणेश, नाग, गदा समेत कई आकृतियां उभरी हैं। भराड़ी-शामा मार्ग पर 22 किमी के बाद खड़लेख भनार मार्ग कटता है। मार्ग के एक किमी दूर खड़लेख बैंड से कुछ दूरी पर नैकाना तोक है।
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कहा जाता है कि आदिकाल में भगवान श्री 1008 मूल नारायण के दो पुत्र नौलिंग और बंज्यैण देवता अध्ययन के लिए काशी गए थे। वापस आकर बंज्यैण देवता ने इस गुफा के भीतर कुछ समय तक तपस्या की थी।
डर से कोई नहीं जाता था वहां
ग्रामीण इस गुफा को व्यास गुफा कहते हैं। लोगों में यह भ्रांति थी कि इस गुफा में अगर कोई जाएगा तो उसका अनिष्ट हो जाएगा। इस डर से कोई वहां नहीं जाता था।
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बुजुर्गों से गुफा के बारे में कई बार सुन चुके भनार गांव के महिपाल कोरंगा (35) पुत्र नैन सिंह कोरंगा ने मंगलवार को अपने साथियों गोविंद सिंह, दान सिंह, लक्ष्मण सिंह कोरंगा और प्रवीण राम के साथ वहां जाकर गुफा का रहस्य जानने का फैसला किया।
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कोरंगा ब्रह्मलीन बंगाली साधु देवाशीष महाराज के शिष्य भी हैं। बताते हैं कि इससे पहले भी उन्होंने कई प्रयास किए, लेकिन गुफा के भीतर नहीं जा सके। बुधवार को वहां पहुंचकर उन्होंने गुफा के बाहर फैली मिट्टी और कंटीली झाड़ियों की सफाई की।
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करीब पांच घंटे तक खुदाई करने के बाद उन्हें अंदर प्रवेश करने में सफलता मिल गईऱ। उन्होंने बताया कि गुफा करीब 200 मीटर लंबी है।
अंदर से निकल सकता है पानी
गुरुवार को लौटे कोरंगा ने बताया कि गुफा की तलहटी और अंतिम छोर में मिट्टी भरी हुई है। सफाई के बाद गुफा को पूरी तरह खोला जा सकता है और इसके अंदर से पानी भी निकल सकता है।
गुफा का शीघ्र मौका मुआयना करेंगे : एसडीएम
कपकोट के एसडीएम केएस टोलिया ने बताया कि भनार गांव में गुफा मिलने की सूचना अभी उन्हें नहीं मिली है।
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गुफा का शीघ्र निरीक्षण किया जाएगा। जिला प्रशासन के माध्यम से पुरातत्व विभाग की अन्वेषण टीम को मौके पर भेजा जाएगा।
गुफा के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे : फर्स्वाण
कपकोट विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि वह शीघ्र ही गुफा देखने जाएंगे।
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गुफा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गुफा क्षेत्र के विकास के लिए योजनाएं तैयार करवाई जाएंगी।