राजधानी देहरादून में मतदाता बनाओ अभियान के दूसरे और आखिरी दिन रही-सही कसर भी पूरी हो गई। बूथों की व्यवस्थाएं डगमगाती नजर आईं और अभियान के नाम पर खानापूरी का नजारा दिखा। एक ओर जहां अव्यवस्थाओं के मारे मतदाता मशक्कत से कतराते रहे वहीं प्रशासनिक अमले की पोल-पट्टी भी खुल गई।
साहब यहां कोई कहां आ जाएगा
शिविर-एक: हिंदू नेशनल इंटर कालेज, लक्ष्मण बाग
11.40 बजे
कालेज मैदान में धूप सेंकते बीएलओ कुछ लोगों की जिज्ञासाएं शांत कर रहे थे। तभी तहसीलदार गुरदीप सिंह पहुंचते हैं। ‘कोई आया?’ ‘कोई नहीं साहब राजपुर से यहां कोई कहां आ जाएगा?’ ‘हां, कार्यक्रम ही बेवजह है। लेकिन कोई क्या करे।’ इसी बीच सरस्वती सोनी मार्ग के रहने वाले नरेंद्र दत्त पहुंचे। तहसीलदार से बोले-‘हमारा बीएलओ नहीं मिल रहा है।’ मतदाता के इस सवाल को साहब मुस्कराते हुए टाल गए।
मतदाता न आए और न आएंगे
शिविर-दो: सनातन धर्म इंटर कालेज बन्नू
दोपहर 12.15 बजे
कालेज परिसर में कुर्सियां और मेजें पड़ी हुई थीं और कुछ बीएलओ गंभीर मुद्रा में किसी चर्चा में तल्लीन थे। सवाल पूछने पर कि कितने मतदाता आए हैं? एक बीएलओ तपाक से बोले-‘मतदाता न आए हैं और न आएंगे।’ कोई अफसर आया? वही बीएलओ फिर बोला-अफसर किस लिए आएंगे? खानापूरी तो हो गई।
सन्नाटा और चाय की चुस्कियां
शिविर-तीन: मंगला देवी इंटर कालेज
दोपहर 1.37 बजे
मंगलवार को जहां चौपाल लगी हुई थी आज सन्नाटा पसरा हुआ था। बीएलओ कहां गए? यह पूछने पर कालेज के एक कर्मचारी ने सामने मकान की तरफ इशारा कर दिया। दूसरी ओर वहीं चार महिलाएं बैठी थीं लेकिन जब तक उनसे मुखातिब हुआ जाता वे वहां से चलती बनीं। बोलीं-अभी बैठिये, चाय पीकर आते हैं। इस बीच एक बीएलओ से सामना हो गया तो उन्होंने बताया कि आज कोई अफसर नहीं आया।
बीएलओ ढूंढने में दिन गुजरा
शिविर-चार: गुरु नानक इंटर कालेज चुक्खूवाला
दिन के 2.30 बजे
कालेज में खामोशी थी और गिने-चुने बीएलओ चहलकदमी कर रहे थे। वजह यहां से जीपी उनियाल समेत सात बीएलओ हिंदू नेशनल इंटर कालेज भेज दिए गए थे। इस सन्नाटे में एक मतदाता बीएलओ की तलाश में भटकता दिखा। बोला, समझ में ही नहीं आता है कि अब कहां जाएं? पूरा दिन गुजर गया बीएलओ ढूंढने में।