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बच्चों के लिए नाची डीआईडी 'सुपर मॉम'

Thu, 29 Aug 2013 01:20 PM IST
अमर उजाला, नलिनी गुसांई, देहरादून
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प्लीज जोया को एक वोट जरूर करना। कुछ इसी अंदाज में डीआईडी सुपर मॉम फेम जोया खान के पति उनके लिए लोगों से वोट अपील कर रहे थे।
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तस्वीरों में देखें, वॉट फॉर 'सुपर मॉम'

बुधवार को जोया दून पहुंची। जोया की पसंद का ख्याल रखते हुए घर वालों ने उसके लिए उसका पसंदीदा चिकन बनाया।

टॉप-5 में जोया
टॉप-5 में पहुंचने के बाद जोया खान की जीत अब वोट पर निर्भर करती है। यही वजह है कि चैनल वालों के साथ वह वोट मांगने दून पहुंची।

नवादा के हरिपुर क्षेत्र में रहने वाली जोया यहां पहुंचते ही बेहद अपनेपन के साथ लोगों से मिली। जीप्सी में सवार जोया जगह-जगह उतर कर महिलाओं के गले लगी।

इंतजार में लोग
बड़ो ने भी जोया को खूब आशीर्वाद दिया। संग चल रहे जोया के पति के मुंह से बस यही शब्द निकल रहे थे कि प्लीज जोया को एक वोट जरूर करना।

जोया की बड़ी बेटी ज़िनत ससुराल से सुबह ही मायके आई। बंद पड़े मकान को खोला और सफाई की। जोया की ननद रूखसाना और ज़िनत ने मिलकर चिकन बनाया।

ज़िनत ने बताया कि मेरे ससुराल वाले मम्मी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मम्मी मेरे ससुराल भी जाएगी।

दो दिन दून में
जोया खान ने बताया कि वह अभी दो दिनों तक दून में है। बुधवार की रात अपने घर पर ही आराम करेगी। बृहस्पतिवार को अनाथ आश्रम, डीएवी कॉलेज सहित शहर में अन्य जगहों पर जाकर वोट अपील करेगी। जोया ने बताया कि अगर वह जीतती है तो उसे 11 लाख रुपये मिलेंगे। जिसे वह अपने बच्चों के नाम फिक्स कर देंगीं।

ये नहीं हो सके एडवांस
जोया भले ही एक मुकाम की ओर बढ़ रही है लेकिन उसके मोहल्ले के लोग आज भी एडवांस नहीं हो पाए हैं। जोया की भांजी आइसा ने बताया कि यहां के लोग डांस करने को सही नहीं मानते।
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यही वजह है कि खाला के डांस करने पर लोग आज भी ऐतराज जताते हैं। जबकि जोया खाला हमेशा से डांस को बेहद पसंद करती रही हैं। वह हमें भी डांस में करियर बनाने के लिए कहती हैं।

ढोल संग रूक-रूक कर मांगे वोट
आगे बजते हुए ढोल तो पीछे-पीछे मालाओं से लदी हुई जोया हाथ जोड़कर चल रही थी। कुछ इसी अंदाज में वह लोगों से वोट अपील कर रही थी। हर किसी की जुबान पर था वोट फॉर जोया।
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जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरने के बाद से जोया खुली जीप में चलते हुए जगह-जगह रूक रही थी। यही वजह रही कि एयरपोर्ट से नवादा अपने घर तक पहुंचने में जोया को करीब पांच घंटे लग गए। इसके चलते वहां बैठे लोगों को लंबे समय तक जोया का इंतजार करना पड़ा। गांव की सबसे बुजुर्ग महिला जीवनी भी जोया के इंतजार में उसके गेट पर बैठी थी।
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