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इस वीकेंड चलिए हरियाली के बीच

Thu, 07 Nov 2013 09:35 PM IST
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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रुद्रप्रयाग में तल्लानागपुर पट्टी के अंतर्गत क्रोंच पर्वत पर स्थित मंदिर उत्तर भारत में कुमार कार्तिकेय का एकमात्र मंदिर माना जाता है। इस वीकेंड आप रुद्रप्रयाग जा सकते हैं।
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कहा जाता है कि शिव पुत्र यहां निर्वाण रुप में तपस्यारत हैं। माता-पिता से नाराज होकर कार्तिकेय ने अपने शरीर का मांस माता पार्वती और खून पिता शिव को सौंप दिया था। इस निर्वाण रुप में वह तपस्या के लिए क्रोंच पर्वत पहुंच गए।

देव सेनापति कार्तिकेय की तप स्थली आज तक अपेक्षित स्थान हासिल नहीं कर पाई। हालत यह है कि दक्षिण भारत के लोग कार्तिक स्वामी मंदिर के बारे में जानते हैं, लेकिन उत्तर भारतीयों सहित बहुत कम लोग इस तीर्थस्थल के बारे में जानते हैं।
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कैसे पहुंचे कार्तिक स्वामी मंदिर
रुद्रप्रयाग-पोखरी मोटर मार्ग पर कनकचौरी तक मोटर मार्ग तक। रुद्रप्रयाग से सड़क मार्ग से दूरी करीब 38 किमी है। कनकचौरी से क्रोंच पर्वत स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर ट्रैक की पैदल दूरी ढाई किमी है। रुद्रप्रयाग से नियमित बस सेवा और टैक्सी द्वारा यहां पहुंच सकते हैं।

रुद्रप्रयाग के प्रमुख ट्रैक और दर्शनीय स्थल
बूढ़ा मद्महेश्वर ट्रैक: रुद्रप्रयाग-उनियाणा मोटर मार्ग (64 किमी), रांसी-गौंडार-मद्महेश्वर ट्रैक (19 किमी/3289 मी.) आप मद्महेश्वर में धर्मशालाएं और कैंपिंग में ठहर सकते हैं। तृतीय केदार मद्महेश्वर, चौखंबा के लिए दर्शनीय स्थल यहां की खासियत हैं।

देवरियाताल ट्रैक: रुद्रप्रयाग-सारी मोटर मार्ग (54 किमी), सारी-देवरियाताल ट्रैक (3 किमी/2438 मी.), रात में कैंपिंग करने के लिए यह बेहतरीन स्थान है। प्राकृतिक ताल में चौखंबा का प्रतिबिंब लोगों का खासा आकर्षित करता है।

तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रैक: रुद्रप्रयाग-चोपता मोटर मार्ग (66 किमी), चोपता-तुंगनाथ ट्रैक (3किमी/3886 मी.) व तुंगनाथ-चंद्रशिला (1 किमी/4000मी.)। चोपता व तुंगनाथ बुग्याल, घने जंगलों में मोनाल पक्षी और बुरांस के फूल दिखते हैं। यहां तृतीय केदार तुंगनाथ, चंद्रशिला से हिमालय की चोटियों के दर्शन होते हैं। चोपता के होटलों में आप ठहर सकते हैं।

पंवालीकांठा ट्रैक: रुद्रप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग (82 किमी), त्रियुगीनारायण-पंवालीकांठा ट्रैक (22 किमी/3963 मी.)। मध्य हिमालय में कई बुग्याल और घने जंगल यहां की खासियत हैं। स्वयं की कैंपिंग कर यहां ठहर सकते हैं।
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