बुधवार को आचार संहिता लागू होने के बाद विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशियों ने हाथ-पैर मारने शुरू कर दिए हैं। पिछले लोकसभा चुनावों में उत्तराखंड में इन नेताओं ने बाजी मारी थी।
टिहरी गढ़वाल :
सांसद : माला राजलक्ष्मी शाह (भाजपा)
कुल वोट मिले (245292)
रनरअप : साकेत बहुगुणा
कुल वोट मिले (222861)
विधानसभाएं :
पुरोला
यमुनोत्री
गंगोत्री
प्रताप नगर
टिहरी
धनौल्टी
चकराता
विकास नगर
सहसपुर
रायपुर
राजपुर रोड
देहरादून कैंट
मसूरी
पौड़ी गढ़वाल
सांसद : सतपाल महाराज (कांग्रेस)
कुल वोट मिले 236949
रनर अप : टीपीएस रावत (भाजपा)
कुल वोट मिले (219552)
विधानसभा :
बदरीनाथ
थराली
कर्णप्रयाग
रुद्र प्रयाग
देव प्रयाग
नरेंद्र नगर
यमकेश्वर
पौड़ी
श्रीनगर
चौबट्टाखाल
लैंसडौन
कोटद्वार
हरिद्वार
सांसद : हरीश रावत (कांग्रेस)
कुल वोट मिले 332235
रनरअप : स्वामी यतींद्रानंद (भाजपा)
कुल वोट मिले 204823
विधानसभा :
धर्मपुर
डोईवाला
ऋषिकेश (तीन देहरादून जिले के हिस्से)
हरिद्वार
भेल
ज्वालापुर
भगवानपुर
झबरेड़ा
पिरान कलियर
रुड़की
खानपुर
मंगलौर
लक्सर
हरिद्वार ग्रामीण
अल्मोड़ा (सुरक्षित)
सांसद : प्रदीप टम्टा (कांग्रेस)
कुल वोट मिले 200824
रनर अप : अजय टम्टा भाजपा
कुल वोट मिले (193874)
विधानसभा :
धारचूला
डीडीहाट
पिथौरागढ़
गंगोलीहाट
कपकोट
सल्ट
रानीखेत
अल्मोड़ा
जागेश्वर
लोहाघाट
चम्पावत
नैनीताल-ऊधमपुर
सांसद : केसी सिंह बाबा (कांग्रेस)
कुल वोट मिले 232965
रनर अप : बची सिंह रावत (भाजपा)
कुल वोट मिले 221377
विधानसभा :
लाल कुआं
भीमताल
नैनीताल
हल्द्वानी
कालाढूंगी
जसपुर
काशीपुर
बाजपुर
गदरपुर
रुद्रपुर
किच्छा
सितारगंज
नानकमत्ता
खटीमा
भाजपा और कांग्रेस के दावेदार
भाजपा के दावेदार
नैनीताल सीट : भगत सिंह कोश्यारी, बलराज पासी और बची सिंह रावत
अल्मोड़ा सीट : अजय टम्टा, रेखा आर्य, चनर राम और सज्जन लाल टम्टा
कांग्रेस के दावेदार
नैनीताल सीट : केसी सिंह बाबा, महेंद्र पाल और प्रकाश जोशी
अल्मोड़ा सीट : प्रदीप टम्टा
प्रत्याशियों पर लोगों की नजर टिकी
लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने के बाद कांग्रेस-भाजपा के प्रत्याशियों पर लोगों की नजर टिक गई है क्योंकि सीधा मुकाबला इन्हीं में बन रहा है।
गांवों-कस्बों में आम आदमी पार्टी ‘आप‘ की पहुंच अभी नहीं के बराबर है। 7 मार्च को कांग्रेस और 8 मार्च को भाजपा कुमाऊं की दोनों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर सकती है। टिकटों के बंटवारे को लेकर दोनों बड़े दल मुसीबत में हैं।
नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट पर प्रत्याशी चुनना कांग्रेस के लिए मुश्किल हो रहा है तो अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ सीट भाजपा के गले की फांस बनी हुई है।
नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट पर भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का पलड़ा कुछ भारी लगता है, लेकिन बलराज पासी की दावेदारी को नजरअंदाज करना भी हाईकमान के लिए आसान नहीं।
बची सिंह रावत ने जरूर कुछ राहत दी है, लेकिन बलराज पासी अब भी दमदार दावेदारों में हैं। इसके लिए उनके पास मजबूत तर्क भी हैं। वह कहते हैं कि पार्टी ने पहले प्रयोग करके देखा है।
बाहर से बची सिंह रावत के तौर पर प्रत्याशी लाना भारी पड़ा था। पासी का कहना है कि यदि पार्टी उन्हें टिकट देती है।
तो ऊधमसिंह नगर जिले में पार्टी फायदे में रहेगी क्योंकि यहां बाहर से आए कांग्रेसी नेताओं ने जनता को खूब छला है। यही वजह है कि यहां के लोग अब स्थानीय प्रतिनिधि चाहते हैं।