उत्तराखंड की पांचों सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों के नाम पर फैसला शुक्रवार को हो सकता है। वर्तमान सांसद नैनीताल से केसी बाबा, अल्मोड़ा से प्रदीप टम्टा और पौड़ी से सतपाल महाराज का टिकट पक्का माना जा रहा है।
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जबकि हरीश रावत से खाली होने वाली हरिद्वार सीट पर हरीश रावत की पत्नी रेणुका चुनाव लड़ सकती हैं। आलाकमान ने हरिद्वार सीट पर फैसला हरीश रावत पर ही छोड़ दिया है।
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टिहरी सीट पर एक बार फिर साकेत बहुगुणा के नाम को लेकर सहमति बनती नजर आ रही है।
इन पार्टियों के उम्मीदवारों पर होगा फैसला
दिल्ली में होने वाली चुनाव समिति की बैठक में उत्तराखंड के साथ जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के उम्मीदवारों पर भी फैसला होना है।
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चुनाव समिति की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य और मुख्यमंत्री हरीश रावत भी शामिल रहेंगे। प्रदेश कांग्रेस ने किसी विवाद में पड़े बिना उम्मीदवारों का पैनल न भेज फैसला आलाकमान पर छोड़ा है।
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बताते हैं कि विजय बहुगुणा बेटे साकेत को ही टिहरी से लड़ाना चाहते हैं। बदले समीकरण में हरीश रावत भी इस पर सहमति जता रहे हैं।
अपना उत्तराधिकारी चुनने का फैसला हरीश रावत पर
वहीं हरिद्वार सीट पर कोई भी फैसला हरीश रावत पर छोड़ा गया है। सूत्र बताते हैं आलाकमान ने खाली हो रही लोकसभा सीट पर अपना उत्तराधिकारी चुनने का फैसला उन्हीं पर छोड़ा है।
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चूंकि रेणुका रावत पहले अल्मोड़ा से बच्ची सिंह रावत के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं।
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इसलिए आलाकमान को उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी कोई परेशानी नहीं है। राहुल गांधी के महिला एजेंडे को भी रेणुका रावत पूरा कर रही हैं।
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पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के हरीश रावत को घोषणा मुख्यमंत्री कहने पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धीरेन्द्र प्रताप ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
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उनका कहना है कि भाजपा नेता फास्सिट मनोवृत्ति से ग्रस्त हो गए हैं और अब आयु उन पर हावी हो गई है।
भाजपा-कांग्रेस को जीतनी होगी प्रत्याशी चयन की जंग
हरिद्वार लोकसभा सीट पर प्रत्याशी घोषित कर सपा और बसपा ने बढ़त बना ली है जबकि कांग्रेस और भाजपा को अभी प्रत्याशी चयन की जंग जीतनी है।
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दोनों ही पार्टियों के लिए यह काम आसान नहीं होगा। भाजपा और कांग्रेस नेतृत्व को प्रत्याशी चयन को लेकर खासी मशक्कत करनी पड़ेगी।
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बसपा की ओर से हरिद्वार लोकसभा सीट के लिए पहले भाजपा छोड़कर आए अंतरिक्ष सैनी को प्रत्याशी बनाया गया था। लेकिन पार्टी ने कुछ महीने पहले ही अपना प्रत्याशी बदल दिया। पार्टी ने यहां पर नए चेहरे मौहम्मद इस्लाम पर दांव खेला है।
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वहीं सपा ने आजाद हिंद फौज के कैप्टन रहे शाहनवाज खान के बेटे अजमल नवाज खान को अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस की ओर से अभी तक हरिद्वार लोकसभा सीट प्रत्याशी को लेकर पत्ते नहीं खोले गए हैं।
टिकट की लड़ाई स्थानीय नेताओं के बीच
भाजपा की ओर से पहले मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का नाम हरिद्वार सीट के लिए चला था लेकिन उन्हें यूपी से टिकट मिलने के बाद अब टिकट की लड़ाई स्थानीय नेताओं के बीच सिमट गई है।
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पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक और पूर्व मंत्री एवं हरिद्वार विधायक मदन कौशिक को इस सीट से टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इनके अलावा प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल, पूर्व प्रदेश महामंत्री मयंक गुप्ता भी दौड़ में हैं।
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हरिद्वार जिले के अन्य विधायकों की बात करें तो लक्सर विधायक संजय गुप्ता और हरिद्वार ग्रामीण विधायक स्वामी यतीश्वरानंद भी टिकट की इच्छा जता चुके हैं। पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद का नाम भी बीच में तेजी से उछला था।
अपनी पत्नियों पर लगाना चाहते हैं दांव
वहीं कांग्रेस में टिकट को लेकर गिने-चुने नाम ही सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत की पत्नी रेणुका रावत की हरिद्वार में सक्रियता को लोकसभा चुनाव के टिकट की दौड़ से जोड़कर देखा जा रहा है।
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उनके पुत्र वीरेंद्र रावत भी यहां पर लगातार सक्रियता बनाए हुए हैं। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष ब्रहमस्वरूप ब्रहमचारी भी इस सीट पर दावा ठोंक रहे हैं।
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वहीं खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह अपनी पत्नी रानी देवयानी को यहां से टिकट दिलाना चाहते हैं। दावेदारों की सूची में कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौ. राजेंद्र सिंह का नाम भी सामने आ रहा है।
सपा बदल सकती है प्रत्याशी
समाजवादी पार्टी हरिद्वार लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी बदल सकती है। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी अजमल नवाज खान को 26 फरवरी को अपने घर के अंदर ही संदिग्ध स्थिति में गोली लग गई थी।
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गंभीर हालत में वह अभी तक अस्पताल में भर्ती हैं। इस स्थिति में पार्टी प्रत्याशी बदलने पर विचार कर रही है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई अधिकृत बयान नहीं आया है।