नौ दिन गुजरने पर भी मासूम छात्रा की रेप के बाद हत्या के राज से पर्दा उठा पाने में पुलिस की नाकामी का गुस्सा अब सीएम के सिर फूटेगा।
पुलिस की कार्यशैली से खफा
हरिद्वार पुलिस की कार्यशैली से खफा परिजन ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री आवास घेरने की तैयारी कर ली है। सोमवार को भारी संख्या में ग्रामीणों ने देहरादून कूच करने की रणनीति बना ली है।
सूबे को हिला देने वाले छात्रा हत्याकांड का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस की अब तक की कार्रवाई जांच और टेस्ट में उलझकर रह गई है।
पुलिस पर टालमटोल का आरोप
गुरुवार को अमर उजाला को परिजनों व ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस अब तक टालमटोल कर रही है। नौ दिन गुजरने पर भी कातिल गिरफ्त में नहीं आ सके है।
स्थानीय पुलिस उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। उच्चाधिकारियों से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है। परिजनों ने बताया कि वे आस-पास के गांवों के ग्रामीणों के संग मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर अपनी पुलिस की कार्यशैली की पोल खोलकर ही दम लेंगे।
पॉलीग्राफ टेस्ट की प्रकिया पूरी
छात्रा हत्याकांड में चिन्हित किए गए नौ संदिग्धों के सीबीआई लैब में पोलीग्राफ टेस्ट की प्रकिया पूरी कर ली गई है।
एसआईटी ने नौ संदिग्धों को गुरुवार को सीजेएम कोर्ट में पेश कर पोलीग्राफ टेस्ट की इजाजत ले ली है। अब स्थानीय पुलिस को सीबीआई से टेस्ट के लिए तारीख मिलने का इंतजार है।
डीआईजी ने दी जानकारी
यहां कैंप कर रहे डीआईजी गढ़वाल रेंज अमित सिन्हा ने जानकारी दी कि जिन नौ संदिग्धों की डीएनए जांच के लिए ब्लड सैंपल लिए गए हैं, उनका ही पॉलीग्राफ टेस्ट भी दिल्ली में सीबीआई की लैब में कराने की तैयारी है।
डीआईजी ने बताया कि स्थानीय कोर्ट से पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की औपचारिकता गुरुवार को पूरी कर ली गई है।
सीबीआई से तारीख मिलने का इंतजार
सीबीआई से अभी पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की तारीख नहीं दी गई है, स्थानीय कोर्ट से मिली इजाजत की लिखित जानकारी सीबीआई को भेज दी गई है।
सीबीआई लैब से तारीख मिलने पर संदिग्धों को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए रवाना किया जाएगा। डीआईजी ने बताया कि अन्य पहलुओं पर भी एसआईटी जांच में जुटी है।
संदिग्धों पर निगाह
नौ संदिग्धों पर पुलिस पूरी निगाह रखे हुए है। हिरासत में लिए गए इन संदिग्धों की सुरक्षा में भी पुलिस कोई चूक नहीं होने देना चाहती। इन्हें बाकायदा एक कमरे में रखा गया है। दो कांस्टेबल राउंड द क्लॉक इन पर नजर रखे हुए हैं, ताकि किसी तरह का नया विवाद न खड़ा हो जाए।