ग्राम बोसान में सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण, जंगलों में अवैध कटान और यमुना नदी में अवैध खनन पर ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष तहसील मुख्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया। ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार रविंद्र असवाल को ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी यदि 15 दिन के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जिलाधिकारी देहरादून कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बोसान में सरकारी और सार्वजनिक बंजर भूमि के साथ ही जंगलों और जल स्रोतों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया है। इसके चलते ग्रामीणों को अपने खेतों तक ट्रैक्टर ले जाने में परेशानी हो रही है। इसी कारण उन्हें पेयजल संकट का सामना भी करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों का कटान और खनन किया जा रहा है लेकिन, बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने नायब तहसीलदार के माध्यम से उप जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि सरकारी भूमि को गलत तरीके से निजी लोगों के नाम दर्ज कर दिया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच कराने और अतिक्रमण व अवैध खनन के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन में पूर्व प्रधान यशपाल सिंह चौहान, पूर्व उप प्रधान राजेंद्र सिंह चौहान, अजब सिंह, राजेंद्र सिंह, मायाराम चौहान, सरदार सिंह, गंभीर सिंह, महावीर, मिजान, आमो देवी और जानकी देवी सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।