उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 के सितंबर माह में हुई बोर्ड बैठक में एक अप्रैल से दोनों बैंकों के विलय का निर्णय लिया गया था। बैंकों के विलय के बाद दोनों बैंकों के ग्राहकों को भी बेहतर सुविधा मिल सकेंगी।
साथ ही 120 मिलियन से अधिक ग्राहक 21 दूसरे देशों में भी बैंकिंग सेवा ले सकेंगे। दोनों बैंकों के ग्राहकों को किसी भी प्रकार की औपचारिकता की आवश्यकता नहीं है। ग्राहकों को संबंधित बैंक की चेक और पास बुक बदलने की आवश्यकता नहीं है।