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विजय दिवस पर शहीदों के आश्रितों को सरकार का तोहफा, योग्यता के अनुसार मिलेगा रोजगार

Sat, 16 Dec 2017 10:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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शहीद दिवस के मौके पर उत्तराखंड सरकार ने शहीदों के आश्रितों को तोहफा दिया है। अब ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले सैनिकों और अर्द्धसैनिकों के आश्रितों को सरकार शैक्षिक योग्यता के आधार पर रोजगार देगी।
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शनिवार को विजय दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने यह घोषणा की। उन्होंने 1971 युद्ध में हिस्सा लेने वाले सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। शनिवार को गांधी पार्क में विजय दिवस कार्यक्रम में उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि 16 दिसंबर 1971 को भारतीय सेना ने अपने पराक्रम से पाकिस्तान के 90 हजार सैनिकों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया था। जिसके चलते बांग्लादेश का नए राष्ट्र के रूप में उदय हुआ।
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शहीद सैनिकों के परिवारजनों को सम्मानित किया

उन्होंने कहा कि इस युद्ध में उत्तराखंड के 248 सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी और 78 वीर सैनिक घायल हुए। युद्ध में असाधारण वीरता का प्रदर्शन करने वाले उत्तराखंड के 74 रणबांकुरों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया, जिसमें 36 देहरादून के थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान सैन्य प्रदेश के रूप में है। यहां के वीर सैनिकों ने अपने साहस और वीरता के जरिये देश और दुनिया में विशिष्ट सम्मान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने वीरता पदक प्राप्त उत्तराखण्ड के 428 सैनिकों और शहीद सैनिकों के परिवारजनों को सम्मानित किया।

मेयर व विधायक विनोद चमोली ने कहा कि  अपनी वीरता व साहस से पूरी दुनिया के सामने उदाहरण प्रस्तुत करने वाले वीर सैनिकों का देश हमेशा कृतज्ञ रहेगा। विधायक गणेश जोशी ने कहा कि सैनिकों ने अपने जज्बे से देशवासियों का सिर हमेशा गर्व से ऊंचा किया है। कार्यक्रम में विधायक कुंवर प्रणव सिंह, जनरल आनंद स्वरूप, डीके कौशिक समेत बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक व उनके परिजन मौजूद रहे।
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