उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा बुधवार को देहरादून पहुंचे तो कांग्रेस के भीतर राजनीति तेज हो गई। वहीं पीडीएफ मंत्रियों को लेकर सरकार और संगठन के बीच भी खींचतान दिखने लगी है।
बहुगुणा ने सहयोगी पीडीएफ मंत्रियों से किनारा किया
हरीश रावत के मुख्यमंत्री बनने के बाद से विजय बहुगुणा ने पार्टी के कुछ नेताओं को मंत्री बनाने की मांग उठानी शुरू कर दी थी। विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के विधायकों का अंकगणित मजबूत होते ही बहुगुणा ने सहयोगी पीडीएफ मंत्रियों से किनारा कर उनकी जगह अपने विधायकों को मंत्री बनाने की मांग तेज कर दी।
बुधवार को मीडिया से रूबरू हुए बहुगुणा ने कहा कि लोकसभा चुनाव और पंचायत चुनाव में पीडीएफ के मंत्रियों ने पार्टी के खिलाफ काम किया। ऐसे में मुख्यमंत्री को उनसे इस्तीफा लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को ये जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए।
शाम को मीडिया में आए मुख्यमंत्री के बयान ने एक साथ विजय बहुगुणा और कांग्र्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को जवाब दिया। सीएम ने कहा कि सभी मंत्री काम कर रहे हैं ये देखना मेरा काम है। पीडीएफ सरकार चलाने के लिए है पार्टी चलाने के लिए नहीं। पार्टी नेताओं को ऐसा आचरण नहीं करना चाहिए जिससे पार्टी को कोई नुकसान हो।
सीएम के बयान ने बहुगुणा को स्पष्ट कर दिया कि सभी मंत्री काम कर रहे हैं यानी मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल नहीं होगा। वहीं पीडीएफ मंत्रियों को लेकर मुखर हुए किशोर उपाध्याय को स्पष्ट संदेश दिया कि उनका काम संगठन चलाने का है।
मंत्रियों के कामकाज देखना मुख्यमंत्री का काम है। किशोर उपाध्याय का कहना है कि कांग्रेसजनों से जो फीडबैक मिल रहा है उससे अपनी सरकार को अवगत कराना मेरा फर्ज है। अगर कोई गड़बड़ है तो उसे ठीक करेंगे।