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अब कैदियों के बिना अदालत आए ही होगी सुनवाई

Mon, 19 Oct 2015 03:38 PM IST
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में अब कैदियों को मुकदमे की सुनवाई के लिए जेल से कोर्ट लाने और ले जाने की जरूरत नहीं होगी।
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जेल से सीधे उनके मुकदमों की सुनवाई अदालतों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी। दून में सोमवार को ट्रायल के तौर सीजेएम कोर्ट में सुनवाई होगी।

खास बात यह है कि ई कोर्ट से अदालतों में फाइलों का बोझ भी कम होगा, बगैर फाइलों के गवाहों के बयान और अदालतों के फैसले देखे जा सकेंगे, कोर्ट की पूरी कार्यवाही की रिकॉर्डिंग होगी। कानून के जानकार भी इसे काफी कारगर मान रहे हैं।

मुकदमों की सुनवाई एवं रिमांड के दौरान जेल से कैदियों को कोर्ट में पेश किया जाता है, इससे कई बार खतरनाक कैदियों के भागने का खतरा बना रहता हैं, कई बार पुलिस कर्मियों को एक कैदी की सुरक्षा में लगे होने से पुलिस के अन्य कार्य प्रभावित होते हैं।
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इसके अलावा जेल से कोर्ट तक कैदी को लाने ले जाने में दिक्कत के साथ ही सरकारी धन भी खर्च होता है। पर अब वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली सुनवाई से इस सब से बड़ी राहत मिलेगी।
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अन्य कोर्टों में भी ऐसे ही होगी सुनवाई

प्रयोग के तौर पर सोमवार (19 अक्टूबर) सीजेएम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के लिए पुलिस और न्यायिक विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की ओर से इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

दून के अलावा अन्य कोर्टों में भी इसी तरह से काम होना है। इसके लिए बड़ी तेजी से काम हो रहा है। इसके पहले चरण में कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाने के साथ ही इनमें दून के विभिन्न अदालतों के मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं।

कोर्ट की पूरी वर्तमान फाइलिंग को ई-कोर्ट में परिवर्तित किया जा रहा है, माना जा रहा है कि इससे न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों को जल्द निस्तारित किया जा सकेगा।

गंभीर अपराधों के मुल्जिमों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई होगी, गवाह कोर्ट में रहेगा और मुल्जिम जेल में, इससे पुलिस को बड़ी राहत मिलेगी। दून के बाद इसे अन्य अदालतों में भी इसे शुरू किया जाना है, इससे केस की सुनवाई में तेजी आएगी।
- जेएस बिष्ट, संयुक्त निदेशक अभियोजन

रिमांड वाले मामलों में इससे बड़ी राहत मिलेगी, बार-बार कैदियों को कोर्ट में नहीं लाना पड़ेगा, इससे कैदियों के भागने का भी खतरा नहीं रहेगा।
- डॉ. सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून
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