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स्मार्ट सिटी की दौड़ में पिछड़ न जाए अपना दून, करें ये काम

Thu, 26 Nov 2015 03:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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स्मार्ट सिटी के दूसरे चरण में चयनित होने वाले टॉप-20 शहरों में देहरादून का शामिल होना मुश्किल हो सकता है। इसकी वजह आम लोगों में जानकारी की कमी और स्मार्ट दून के मामले में कम दिलचस्पी दिखाना हो सकता है। हालांकि, नोडल अधिकारी स्तर से केंद्र सरकार से कुछ दिन का समय मांगा गया है। ऐसा हुआ तो शहर के लोग दून का पक्ष मजबूत कर सकते हैं।
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना के पहले चरण में देशभर से 98 शहरों को चिह्नित किया गया है। दूसरे चरण में अब टॉप-20 शहरों को चिह्नित किया जाना है। इसके लिए सभी 98 शहरों को अपना स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट (एससीपी) तैयार करना है।

यह प्रोजेक्ट शहर के अलग-अलग वर्गों के लोगों के सुझावों के अनुसार तैयार किया जाना है। इसके लिए लोगों को अपनी राय और सुझाव देने थे। जिसके लिए केंद्र सरकार ने माई गोव वेबसाइट पर लोगों से सुझाव मांगे। लेकिन अंतिम तिथि बीतने तक भी शहर के लोगों ने इसमें कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। 15 नवंबर को खत्म हुई अंतिम तिथि तक केवल 65 लोगों ने ही अपनी राय दी।
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वेबसाइट पर राय देने में सबसे पीछे हैं दून के लोग

केंद्र सरकार के स्तर से अतिरिक्त समय मिलने पर शहर के लोग www.mygov.in पर जाकर अपनी राय रख सकते हैं। स्मार्ट सिटी के स्टेट नोडल अधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम ने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर अतिरिक्त समय देने की मांग की है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट केंद्र सरकार को जमा करने की तिथि 15 दिसंबर है। केंद्र के स्तर से समय मिलने की पूरी संभावना है। इसके बाद दून को स्मार्ट सिटी में शामिल करवाने की जिम्मेदारी अब शहर के आम लोगों के कंधों पर होगी। अभी तक स्मार्ट सिटी के बारे में दून के लोगों का रिस्पांस सबसे कम रहा है।

अन्य कई शहरों ने बढ़ाई बढ़त
माई गोव वेबसाइट पर राय देने के मामले में दून के लोग भले ही पीछे रहे हों, लेकिन भोपाल समेत तमाम शहरों के लोगों ने इसमें खासी दिलचस्पी दिखाई है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार बनारस, भोपाल, जयपुर समेत तमाम शहरों में एक-एक लाख से ज्यादा लोगों ने अपने सुझाव दिए हैं। दक्षिण भारत के लोग इस मामले में ज्यादा आगे हैं।
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