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महंगा हुआ वाहनों का वीआईपी नंबर खरीदना, अब इतने से शुरू होगी ऑनलाइन नीलामी

Tue, 03 Sep 2019 08:20 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड में वाहनों के वीआईपी नंबर महंगे हो गए हैं। पहली श्रेणी के वीआईपी नंबरों की ऑनलाइन नीलामी एक लाख रुपये से शुरू होगी। परिवहन विभाग ने उत्तराखंड मोटरयान नियमावली, 2019 में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी है। बीती 13 अगस्त को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। 

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नियमावली में एक अन्य संशोधन के तहत वाहनों की प्रदूषण जांच का शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। साथ ही प्रदूषण जांच का दायरा व्यापक करने के लिए इसके लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल कर दिया गया है। अब कोई भी इच्छुक व्यक्ति मानकों को पूरा कर प्रदूषण जांच का लाइसेंस ले सकता है।

संशोधन के तहत नए सार्वजनिक सेवा वाहनों के पंजीयन की प्रक्रिया के दौरान तकनीकी जांच के प्रावधान को कुछ शिथिल किया गया है। अब आवश्यक होने पर ही वाहन के बेसिक माडल का भौतिक सत्यापन या निरीक्षण होगा।
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तकनीकी समिति टेस्टिंग एजेंसी के दस्तावेजों के परीक्षण पर पंजीकरण का अनुमोदन कर सकेगी। इसके अलावा अब ऑटो रिक्शा के बाड़ी के मानक परिवहन विभाग तय नहीं करेगा। कैबिनेट ने इन मानकों को वापस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब इन पर केंद्र सरकार के मानक लागू होंगे।

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ऑनलाइन नीलामी होगी

एक लाख रुपये से : 0001 और 0786
25 हजार रुपये से: 0002 से 0009, 1111, 2222, 3333, 4444, 5555, 6666, 7777, 8888, 9999
10 हजार रुपये से: शेष वीआईपी नंबर

अब 100 रुपये में होगी प्रदूषण की जांच 
वाहनों की प्रदूषण जांच भी महंगी हो गई है। इसके लिए अब 100 रुपये प्रति वाहन शुल्क अदा करना होगा। अभी तक ये प्रति वाहन अधिकतम 70 रुपये निर्धारित था। 

प्रमाण पत्र फार्म अब 30 रुपये का
प्रदूषण जांच करने वाली एजेंसी को प्रमाण पत्र का फार्म प्राप्त करने के लिए संभागीय व उपसंभागीय कार्यालय को 20 रुपये के स्थान पर अब प्रति फार्म 30 रुपये का भुगतान करना होगा। यदि एजेंसी ये फार्म विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड करेगी तो उसे इसका शुल्क परिवहन आयुक्त कार्यालय में अग्रिम नकद जमा कराना होगा।
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कोई भी ले सकता है प्रदूषण जांच केंद्र का लाइसेंस  

प्रदेश में अब कोई भी इच्छुक व्यक्ति प्रदूषण जांच केंद्र खोलने का लाइसेंस ले सकता है। अभी तक गैराज, कार्यशालाओं, पैट्रोलियम कंपनियों, पैट्रोल पंपों और स्वैच्छिक संस्थाओं को ये लाइसेंस मिलता था। उत्तराखंड मोटरयान नियमावली में ये प्रावधान भी कर दिया गया है। 

यूं लिया जा सकता है लाइसेंस 
कोई व्यक्ति जिसके पास प्रदूषण जांच केंद्र खोलने का पर्याप्त स्थान है, वो परिवहन आयुक्त के नाम 25 हजार रुपये की प्रतिभूति नकद या परिवहन आयुक्त द्वारा मान्य सरकारी प्रतिभूति के रूप में जमा कराकर जांच संयंत्र, स्थापना, उपकरण, भवन का नक्शा, पता व विद्युत कनेक्शन से संबंधित प्रमाण पत्र जमा कराकर ये लाइसेंस प्राप्त कर सकता है। 
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