फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महंगाईः आलू डराने लगा, प्याज रुलाने लगी और टमाटर सताने लगा

Mon, 16 Sep 2019 10:41 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • पैदावार कम होने से मंगाने होंगे दूसरे राज्यों से, टमाटर की फसल खत्म होते ही फिर चढ़े दाम
  • प्याज की आवक घटी, दाम 40 रुपये प्रति किलो पहुंचे
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस साल पहाड़ी आलू का स्वाद लेने का मौका कम मिलेगा। पहाड़ में आलू की पैदावार कम होने से इसका असर अभी से इसके दामों पर नजर आने लगा है। इसके अलावा पहाड़ में टमाटर की फसल खत्म होते ही दाम फिर 50 रुपये पार कर गए हैं। प्याज के दामों में भी उछाल दर्ज किया गया है।

विज्ञापन


मंडी समिति से मिली जानकारी के मुताबिक, पहाड़ में इस बार आलू की पैदावार कम हुई है। जिसकी वजह से सीजन की शुरुआत से इसकी आवक कम हो गई है। मंडी की रिटेल शॉप पर पहाड़ी आलू के दाम 25 से 30 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। इसी तरह, पहाड़ में टमाटर की फसल खत्म होने का असर टमाटर के दामों पर नजर आने लगा है।

राजधानी में टमाटर 50-60 रुपये किलो तक बिक रहे हैं। प्याज की आवक बरसात के चलते कम हो गई है। मंडी निरीक्षक अजय डबराल ने बताया कि जहां आमतौर पर प्याज की प्रतिदिन आठ से दस गाड़ियां आती थीं, वहीं अब तीन-चार गाड़ियां आ रही हैं। व्यापारी भी बरसात की वजह से माल नहीं मंगा रहे हैं। इससे प्याज 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
विज्ञापन


20 नहीं चार गाड़ियां ही आ रहीं
पहाड़ के आलू की हर साल प्रतिदिन 15-20 गाड़ियां दून मंडी आती थीं। इस साल पैदावार कम होने से बमुश्किल चार-पांच गाड़ियां पहुंच रही हैं।

नासिक से प्याज आएगा तो गिरेंगे दाम
अभी तक मंडी में इंदौर और राजस्थान की प्याज आ रही है। सितंबर-अक्तूबर में नासिक से प्याज की आवक शुरू हो जाती है। मंडी समिति के मुताबिक, नासिक से प्याज आने के बाद ही दामों में गिरावट आएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें