ज्योतिष की मानें तो गौरैया का घोंसला घर में बन जाए तो 10 प्रकार के वास्तुदोष दूर हो जाते हैं। कैसे? जानने के लिए पढ़ें...
ज्योतिष और तंत्र ग्रंथों में नीलकंठ, मोर, नेवला, चिड़िया और छिपकली को घरों के लिए शुभ बताया गया है। भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी के अध्यक्ष डा. प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि गौरैया का घोंसला घर के पूर्वी भाग में हो तो मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
आग्नेय कोण पर घोंसला होने से पुत्र का विवाह शीघ्र होता है। दक्षिण दिशा में इसका घोंसला बनाए जाए तो धन की प्राप्ति होती है। दक्षिण-पश्चिम कोण का घोंसला परिवारवालों को दीर्घ आयु देता है। पश्चिमी भाग का घोंसला लक्ष्मी की कृपा बरसती है। उत्तर-पश्चिमी कोण पर गौरैया का घोंसला सुख देने वाला है।
इसी तरह उत्तर दिशा और ईशान कोण का घोंसला सुख-सुविधाएं प्रदान करता है। डा. मिश्रपुरी के अनुसार गोस्वामी तुलसीदास ने भी राजा दशरथ के घर पक्षियों के घोंसले का वर्णन किया है।