जर्मनी में जूनियर महिला हॉकी विश्व कप में कांस्य पदक जीतकर लौटी भारतीय टीम पर ऊपर ईनामों की बरसात होने लगी है। इतिहास रचकर लौटी टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को एक-एक लाख रुपए का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। वहीं राज्य सरकारों ने भी अपनी खिलाड़ियों पर ईनामों की बरसात कर दी है, लेकिन उत्तराखंड की खिलाड़ी को अभी तक बधाई संदेश तक नहीं मिल सका है।
हरिद्वार के रोशनाबाद वंदना कटारिया ने जूनियर महिला हॉकी विश्व कप में अपने खेल से सभी को अपना कायल बना दिया है। मगर अभी भी राज्य सरकार अनजान बनी हुई है।
कांस्य पदक विजेता टीम में सबसे अधिक 6 खिलाड़ी हरियाणा की हैं, जिनके लिए हरियाणा सरकार 5-5 लाख रुपए के ईनाम की घोषणा कर चुकी है। वहीं उड़ीसा सरकार ने अपने खिलाड़ियों को 2-2 लाख रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
वहीं कर्नाटक आदि अन्य राज्यों की सरकार ने भी भारतीय टीम में शामिल खिलाड़ी को बधाई संदेश देने के साथ ही पुरस्कार देने की बात कही है। मगर उत्तराखंड सरकार अभी भी वंदना को पहचान नहीं सकी है। ईनाम तो दूर राज्य सरकार ने अभी तक वंदना को बधाई देना तक उचित नहीं समझा है।
उत्तराखंड का मान बढ़ाने वाली वंदना अपने ही राज्य में हो रही उपेक्षा से आहत है। उनका कहना है कि अगर सरकार साथ देती तो शायद वो दूसरे राज्यों से नहीं खेलतीं।
कुंवर प्रणव ने उठाई सम्मानित करने की मांग
उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन ने जूनियर महिला हॉकी विश्व कप में कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम की सदस्य वंदना कटारिया को सम्मानित करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को पत्र लिखकर कहा कि रोशनाबाद की बेटी ने टूर्नामेंट में 6 गोल दागे हैं और वो टूर्नामेंट में गोल दागने में तीसरे नंबर की खिलाड़ी बनी हैं। क्रिकेट खिलाड़ी उन्मुक्त चंद की तरह ही राज्य का नाम रोशन करने वाली खिलाड़ी को सम्मानित करने के आदेश देने की मांग की है।