वैली ऑफ वर्ल्ड के पहले सत्र की शुरुआत 20 नवंबर को देहरादून पर संवाद के साथ होगी। देहरादून सिटी : इट्स हिस्टोरिक इंपॉर्टेंस विषय पर अजय शर्मा डॉ. समीर सिन्हा के साथ बातचीत करेंगे। इस सत्र की अध्यक्षता लोकेश ओहरी करेंगे।
इसके अलावा पहले दिन द इंडिया नेपाल बाउंड्री क्वेश्चन, प्राचीन मूल्य आधुनिक जीवन, काव्य स्वर, द मोरल एंड द इमोरल एसिस्टेंसलिज्म इन ट्रांसलेशन, मैपिंग द इंडियन स्टेट्स, पोयट्री कैफे, द वैरियंट डोगरास, द नॉर्दन बाउंड्री, द न्यू वर्ल्ड ऑर्डर- ग्रेट गेम टू, पब्लिशिंग प्रेजेंट टेंस और टाइम एंड एटरनिटी जैसे सत्र आयोजित होंगे। इसके अलावा वजाहत हबीबुल्लाह की माई ईयर्स विद राजीव, राज कंवर की डेट लाइन देहरादून, आलोक लाल की बाराबंकी नार्कोस और मुकुल कुमार की कथेरसिस किताब का विमोचन भी होगा।
दूसरे दिन कोविड-19 पर भी होंगे सत्र
पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले चुके कोविड-19 पर भी वैली ऑफ वर्ड्स के दूसरे दिन सत्र आयोजित होंगे। दूसरे दिन की शुरुआत सुहेल सईद खान के सितार कंसर्ट के साथ होगी। इसके बाद टेक्स्ट एंड कॉन्टेक्स्ट पर प्लेनरी सेशन होगा, जिसका मुख्य आकर्षण केरल के राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान होंगे। दूसरे दिन ही केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर जवाहर नवोदय विद्यालयों और संस्कृत के छात्रों की डिबेट भी होगी। कोविड-19 इंपैक्ट ऑन इकोनॉमिक्स ऑफ स्टेट, रिवर्स माइग्रेशन एंड नीड ऑफ माइक्रो फाइनेंस, कोविड-19 : इम्पेक्ट ऑन पब्लिक हेल्थ एंड सोसाइटी इश्यूज सत्र पूरी तरह महामारी और उसके प्रभावों पर आधारित होंगे।
इसके अलावा सोशल मीडिया, देश-विदेश में हिंदी, यात्रा साहित्य, स्त्री : संघर्ष, सीमा और सृजन और दास्तान ए हिंद, दास्तान ए औरत सत्र हिंदी के भी आयोजित होंगे। सोशल मीडिया दूसरे दिन का विशेष आकर्षण होगा। इसमें डॉ. बालेंदु दाधीच, विजय कुमार मल्होत्रा, शोभा अक्षर, सुधा ओम ढींगरा और अमर उजाला उत्तराखंड के स्टेट हेड संजय अभिज्ञान शामिल होंगे। मुशायरा, गलियों के शहजादे, वेस्ट टू वेल्थ, ऑथर एंड ट्रांसलेटर, फ्रेंच ट्रांसलेशन वर्कशॉप, राजास, नवाब्स एंड फिरंगीस- फ्रेंच इन इंडिया, प्रिंस, पैट्रन एंड पैट्रीअर्च, कैन इंडिया बी सेल्फ रिलायंट इन डिफेंस, कैचिंग दैम यंग- मिलिट्री हिस्ट्री इन स्कूल्स, बॉडी, फैमिली, मेमोरी, कल्चरल नेशनलिज्म इन बंगाल दास्तान समेत अन्य सत्र होंगे।