चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वो कौन से देश जहां तुम चले गए... आपदा में अपनों को खो चुके हजारों लोगों के जेहन में यही टीस बाकी रह गई है।
इस उम्मीद से लोग भटक रहे हैं कि शायद किसी मोड़ पर उन्हें अपने मिल जाएं। मगर उनकी मुराद कब पूरी होगी यह कौन जान सकता है।
भटकते लोग
दैवी आपदा के बाद चारों धामों के कपाट खुलते ही आपदा में लापता लोगों के परिजन उनकी तलाश में फिर से जुट गए हैं। इन दिनों तीर्थनगरी में ऐसे कई लोग इधर-उधर भटकते देखे जा सकते हैं। अनजान लोग आपदा के समय नगर की दीवारों पर चस्पा की गई सूची में अपनों का नाम तलाश रहे हैं। निराश होकर कई लोग प्रभावित क्षेत्रों की ओर भी रुख कर चुके हैं।
यात्रा प्रशासन संगठन के वैयक्तिक सहायक एके श्रीवास्तव ने बताया कि कपाट खुलने के बाद लापता लोगों के परिजनों की आवाजाही बढ़ गई है। बताया कि प्रतिदिन ऐसे लोग उनके पास पहुंचते हैं, सही जानकारी नहीं मिलने पर लोग पर्वतीय क्षेत्रों की ओर रवाना हो रहे हैं।
एसएसआई डीएस कोहली ने बताया कि आपदा के दौरान कोतवाली में सैकड़ों लोगों की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। परिजन उनके मिलने की उम्मीद लेकर कोतवाली पहुंच रहे हैं। बताया कि रुद्रप्रयाग जनपद में पुलिस की टीमें लोगों की तलाश में जुटी हैं।