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योग की अंतर्राष्ट्रीय राजधानी बन सकता है उत्तराखंड: राज्यपाल

Sat, 18 Jun 2016 11:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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राज्यपाल केके पॉल - फोटो : फाइल फोटो
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आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से भरपूर और 20 हजार से ज्यादा प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों वाले उत्तराखंड को भविष्य में योग की अंतर्राष्ट्रीय राजधानी बनाया जा सकता है। प्रदेश को आयुष प्रदेश के रूप में भी विकसित करने की जरूरत है। पीएडी चैंबर ऑफ उत्तराखंड की ओर से आयोजित सम्मेलन में राज्यपाल डॉ. केके पाल ने यह बात कही।
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शुक्रवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित सम्मेलन में राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में आयुष प्रदेश बनने की अपार संभावनाएं हैं। देश की परंपरागत चिकित्सा पद्धति ‘आयुष’ के पांच प्रमुख अंगों में से ‘आयुर्वेद’ और ‘योग’ उत्तराखंड की विशेषता है। राज्यपाल ने कहा कि आयुष पद्धति में अधिकांश बीमारियों का इलाज है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और योग का उत्तराखंड से गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को प्राथमिकता के साथ स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी इनसे उपचार की सुविधा मिलनी चाहिए।
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बताई ज्यादा आयुर्वेदिक केंद्रों की आ‍वश्यकता
उन्होंने कहा कि राज्य में 20 हजार से अधिक योग प्रशिक्षक हैं, जिनमें योग की जन्म स्थली उत्तराखंड को ‘योग कैपिटल ऑफ वर्ल्ड’ बनाने की क्षमता है। राज्य में इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड आयुर्वेद विवि और उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी परिषद की भूमिका महत्वपूर्ण है।

बजट के अनुकूल उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में ज्यादा आयुर्वेदिक केंद्रों की आवश्यकता है। ‘वैलनैस टूरिज्म’ के प्रति बढ़ते रुझान के दृष्टिगत इस ओर विशेष ध्यान देकर गतिशीलता बढ़ाई गई तो सही मायने में ‘उत्तराखंड आयुष’ प्रदेश बन सकता है। इस मौके पर उन्होंने सोविनियर का भी विमोचन किया।
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