90 मीटर गहराई में ड्रिलिंग में लग सकते 48 घंटे
यदि पहाड़ी के ऊपरी क्षेत्र में वर्टिकल ड्रिलिंग की जाती है, तो करीब 90 मीटर गहराई तक ड्रिलिंग करने में 45 से 48 घंटे का समय लग सकता है। यह भी तब है, जब ड्रिलिंग के दौरान कोई बाधा नहीं आती।
25 से 30 मीटर का क्षेत्रफल संवेदनशील
सुरंग में जिस स्थान पर मलबा गिरा है, जियोलॉजिकल मैपिंग रिपोर्ट में इसके 20 मीटर हिस्से को पहले ही संवेदनशील श्रेणी में दर्शाया गया था। वरिष्ठ भूगर्भ विज्ञान डॉ. एके बियानी की माने तो सुरंग में भूस्खलन होने से अब इसके 25 से 30 मीटर हिस्से में भी इसका प्रभाव हो सकता है। मतलब यह हिस्सा खतरनाक साबित हो सकता है।
उनके अनुसार, अभी जिस स्थान को वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए चुना गया है, वहां से सुरंग तक पहुंचने में करीब 90 मीटर भीतर तक खुदाई करनी होगी। कहा, यदि मौके पर मौजूद विशेषज्ञ खुद इसको लेकर आशंकित हैं तो ड्रिलिंग वाले चिह्नित स्थान को बदल देना चाहिए। इससे गहराई बढ़ जाएगी, लेकिन ऑपरेशन की सफलता बढ़ जाएगी। बताया, इस क्षेत्र में बड़कोट नामक थ्रस्ट भी गुजरता है, जो मेन सेंट्रल थ्रस्ट (एमसीटी) से दूर है।