रेस्क्यू सफल होने के बाद ही टीम होगी वापस
एसडीआरएफ इस सिस्टम को पानी के अंदर रेस्क्यू के लिए काफी पहले से ही इस्तेमाल कर रही है। लेकिन जमीन पर सुरंग के अंदर इस सिस्टम का प्रयोग कुछ बदलाव के बाद पहली बार किया गया है। जो प्रयोग पूरी तरफ सफल रहा है। 12 नवंबर को जब सिलक्यारा सुरंग में भूस्खलन से 41 मजदूर उसमें फंसे तो सबसे पहले जौलीग्रांट मुख्यालय से एसडीआरएफ की चार टीमों को मौके पर भेजा गया था। रेस्क्यू के सफल होने के बाद ही टीम वापस होगी।
अंडरवाटर कम्यूनिकेशन सिस्टम से फुल बैटरी चार्ज होने पर दो से तीन घंटे तक आराम से साफ बातचीत की जा सकती है। यह सिस्टम 50 मीटर, 90 मीटर, 150 मीटर लंबी वायर से एक-दूसरे से कनेक्ट रहता है। एसडीआरएफ के अंडरवाटर कम्यूनिकेशन सिस्टम से मुख्यमंत्री ने सुरंग में फंसे हुए श्रमिकों से बातचीत की है। - जगदंबा बिज्लवाण इंस्पेक्टर एसडीआरएफ मुख्यालय जौलीग्रांट