एनएचआईडीसीएल के निदेशक अंशु मनीश खलखो ने बताया, सुरंग के भीतर सभी मजदूर सुरक्षित हैं। पुराने पाइप से केवल चने, नमक, दवाइयां, टॉफी, चॉकलेट आदि ही भेज पा रहे थे, लेकिन नए पाइप से उन्हें फल, अंडे सहित और अधिक खाद्य सामग्री भेजी जाएगी।
बताया, मजदूरों की स्थिति देखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन भीतर अत्यधिक धूल होने से उसकी तस्वीरें साफ नहीं आ पाईं। सुरंग के बड़कोट की ओर के सिरे में सोमवार को काम शुरू नहीं हो पाया। बताया, मंगलवार से बचाव अभियान और तेज हो जाएगा।
एंडोस्कोपिक कैमरे से दिखेंगी तस्वीरें
एनएचआईडीसीएल ने दिल्ली से एंडोस्कोपिक कैमरे मंगाए हैं। मंगलवार को इन कैमरे को पाइप के माध्यम से भीतर पहुंचाया जाएगा। निदेशक अंशु मनीश ने बताया, कैमरे से जहां मजदूर उन्हें देख सकेंगे तो वे भी मजदूरों के हालात और करीब से देख व समझ सकेंगे।
मजदूरों के बचाव में कल क्या-क्या होगा
1-एसजेवीएन कंपनी की डि्ल मशीन सुरंग के ऊपर पहुंच जाएगी, जिसे इंस्टॉल करने में करीब 24 घंटे लगेंगे।
2- आरवीएनएल कंपनी की डि्ल मशीन भी आज सुरंग के ऊपर जाएगी।
3- सुरंग के भीतर ऑगर मशीन चलाने का काम दोबारा तेज किया जाएगा।
4- रोबोट को चलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मजदूरों तक पहुंच और आसान हो।
5. सुरंग के दूसरे सिरे बड़कोट की ओर से भी काम तेज किया जाएगा।