भूगर्भीय जांच रिपोर्ट पाई गई थी गलत
सिलक्यारा सुरंग की डीपीआर में जो भूगर्भीय जांच की रिपोर्ट लगी हुई है, वह गलत निकली। निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट में इस पहाड़ में हार्ड रॉक बताई गई थी, लेकिन जब निर्माण शुरू हुआ तो भुरभुरी मिट्टी निकली। इसी वजह से अब दोबारा जियो सर्वे कराया जाएगा।
अभी तक कोई जांच नहीं
सिलक्यारा सुरंग से मजदूरों को बचाव के लिए राज्य सरकार ने वैज्ञानिकों की एक टीम को जांच सौंपी थी, जिसने अपनी रिपोर्ट दे दी थी। उस रिपोर्ट को संज्ञान में लेकर ही बचाव अभियान चला था। परिवहन मंत्रालय की ओर से इस सुरंग से संबंधित कोई जांच अभी तक नहीं बैठाई गई है। जांच में लापरवाही करने वालों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट हो पाएगी।ॉ
ये भी पढ़ें...Dehradun: इंवेस्टर्स समिट से खुलेंगे विकास के द्वार...सीएम ने एयरपोर्ट से एफआरआई तक किया तैयारियों का निरीक्षण
483 मीटर बचा हुआ है हिस्सा
सिलक्यारा सुरंग 4500 मीटर (4.5 किमी) लंबी है। सिलक्यारा की ओर से करीब 2,350 और दूसरे बड़कोट छोर से करीब 1,600 मीटर तक सुरंग खोदी जा चुकी है। बीच का करीब 483 मीटर हिस्सा ही बचा हुआ है। इसकी खोदाई पूरी होने के बाद सुरंग आरपार हो जाएगी। इस सुरंग का निर्माण 853.79 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है।