इस दौरान करीब ढाई घंटे तक प्रदर्शनकारी प्रशासन के उच्चाधिकारियों से निर्णय लेकर उन्हें जाने देने का अनुरोध करते रहे। उन्होंने मौके पर डीएम और एसपी को भी बुलाने का अनुरोध किया, लेकिन दोनों ही अधिकारी लाठीचार्ज के बाद मौके पर पहुंचे। इसे लेकर लोगों ने भी सवाल खड़े किए कि उक्त अधिकारी पहले मौके पर पहुंच कर उग्र भीड़ को समझाते तो बात को बिगड़ने से रोका जा सकता था।
हमारी प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे दर्शनलाल भारती सहित अन्य से लगातार वार्ता हो रही थी। उन्हें एक घंटे का समय दिया गया था। यहां परीक्षा भी थी, उनसे प्रदर्शन समाप्त कर रामलीला मैदान में जाने को कहा गया था, जहां वह चाहते तो उनसे वार्ता की जाती। इस संबंध में डिटेल में प्रेसनोट जारी किया गया है।
-डॉ.मेहरबान सिंह बिष्ट, डीएम उत्तरकाशी।
वह लोग डीएम साहब के लिए कह रहे थे, एसपी का तो नाम नहीं था। वह पत्थरबाजी करने लगे, जिससे लाठीचार्ज हुआ। हम तो निकल ही गए थे, रास्ते में थे।
-अमित श्रीवास्तव, एसपी उत्तरकाशी।