बीते 24 अक्तूबर को मस्जिद के खिलाफ जनाक्रोश रैली के आयोजन में प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच पथराव व लाठीचार्ज की घटना घटी थी, जिसमें 9 पुलिसकर्मी सहित 27 लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने बवाल करने पर 8 नामजद और 200 अज्ञात के खिलाफ बीएनएस से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। घटना के बाद ही तनाव बढ़ने की आशंका पर जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने पूरे जनपद में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी थी, जिसके उल्लंघन पर गत शुक्रवार को जनाक्रोश रैली आयोजन से जुड़े जितेंद्र सिंह, सोनू नेगी व सूरज डबराल की गिरफ्तारी हुई।
उसके बाद रैली में बड़कोट के उपराड़ी से शामिल हुए महंत केशवानंद गिरी ने उनके उपराड़ी स्थित आश्रम पर अज्ञात लोगों के पथराव का आरोप लगाया। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि उसके बाद से किसी तरह की अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। लेकिन जिस तरह से रैली आयोजन से जुड़े लोगों ने दीपावली के बाद चार नवंबर को महापंचायत आयोजन का आह्वान किया है। उससे महापंचायत आयोजन से फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने जनाक्रोश रैली में पथराव की घटना की कड़ी निंदा की है। विधायक ने कहा कि पूरे घटनाक्रम पर सरकार की नजर है। मामले को ले कर वह मुख्यमंत्री से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।
जनाक्रोश रैली आयोजन से जुड़े संगठन ने अभी महापंचायत आयोजन को लेकर कोई लिखित सूचना नहीं दी है। सूचना मिलने पर उसके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में तो शांति व्यवस्था कायम है।
-अमित श्रीवास्तव, एसपी उत्तरकाशी।