बीते शनिवार को सिलाई बैंड में बादल फटने के कारण मलबे और पानी के साथ बहे सात लोगों को ढूंढने के लिए चौथे दिन के खोज-बचाव अभियान में एनडीआरएफ की ओर खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। एनडीआरएफ और एसडीआर की ओर से मलबे सहित नदी के किनारे अभियान चलाया जा रहा है।
सिलाई बैंड के समीप बादल फटने से यमुनोत्री हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा बह गया था। वहीं, ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने से टेंट्स में रह रहे नौ मजदूर पानी और मलबे के तेज बहाव में बहने से लापता हो गए। बाद में दो लोगों के शव बड़कोट में यमुना नदी में मिले। सात लापता लोगों को ढूंढने के लिए सिलाई बैंड और यमुना तट पर खोज बचाव अभियान चल रहा है।
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वहीं यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड ओजरी के पास चौथे दिन भी वाहनों को आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। पैदल आवाजाही जोखिम के साथ हो रही है। इधर यमुनोत्री हाईवे डामटा के पास मलबा आने से आवाजाही बंद हो गई है। एनएच के ईई मनोज रावत ने बताया कि डामटा में हाईवे खुलवाने को कहा गया है।