मंदिर समिति के सचिव संजय पंवार ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमों ने बताया कि मलबे में करीब आठ से दस फीट नीचे मंदिर की लोकेशन का पता लगा है।
उसके बाद सभी ग्रामीण एकत्रित हुए और सर्चिंग टीमों के साथ क्षेत्र में एक हनुमान झंडी स्थापित की गई। पंवार ने बताया कि जब तक बाबा का मंदिर नहीं मिल जाता तब तक वहां पर लगाई हनुमान झंडी की सुबह-शाम पूजा की जाएगी।